तेहरान/वॉशिंगटन: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंचता नजर आ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तल्खी के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की सख्त चेतावनियों का भी ईरान पर कोई असर नहीं दिख रहा है। ईरान ने साफ कर दिया है कि किसी भी हमले का जवाब पूरी ताकत से दिया जाएगा।
ईरान ने दी खुली चेतावनी
ईरान की संसद के अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने सोशल मीडिया के जरिए अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी कदम पूरे क्षेत्र को बड़े युद्ध की ओर धकेल सकते हैं। गालिबफ ने कहा कि अगर हमला हुआ तो ईरान हर कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देगा और इसके गंभीर परिणाम होंगे।
ट्रंप की डेडलाइन पर टिकी दुनिया की नजर
मौजूदा हालात में पूरी दुनिया की नजर Donald Trump द्वारा दी गई डेडलाइन पर टिकी है। माना जा रहा है कि अगर तय समयसीमा तक कोई समझौता नहीं होता, तो खाड़ी क्षेत्र में बड़ा सैन्य संघर्ष शुरू हो सकता है, जिसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ेगा।
होर्मुज को लेकर टकराव और बढ़ा
तनाव के बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के बदले अस्थायी सीजफायर के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। ईरान का कहना है कि वह अपनी शर्तों से पीछे नहीं हटेगा और सिर्फ सीजफायर नहीं बल्कि युद्ध का स्थायी अंत चाहता है। इससे पहले Donald Trump ने चेतावनी दी थी कि अगर होर्मुज नहीं खोला गया तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट और पुलों पर कड़ा सैन्य हमला कर सकता है।
समयसीमा खत्म होने के करीब, बढ़ी आशंका
अमेरिकी राष्ट्रपति ने होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए 6 अप्रैल तक की समयसीमा दी थी। अब भारतीय समय के अनुसार ईरान के पास सुबह पांच बजे तक का समय बताया जा रहा है। इस बीच दोनों देशों के दावों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। ईरान का दावा है कि उसने अमेरिकी विमानों को मार गिराया, जबकि अमेरिका का कहना है कि उसने अपने ही विमानों को नष्ट किया है।
बढ़ते तनाव से वैश्विक चिंता
मिडिल ईस्ट में बढ़ता यह टकराव वैश्विक स्तर पर चिंता का कारण बनता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात नहीं सुधरे तो यह संघर्ष बड़े युद्ध का रूप ले सकता है।