यमुना पर निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, बड़ा हादसा टला; मजदूरों के हटते ही भरभराकर ढहा ढांचा

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आगरा: उत्तर प्रदेश में निर्माणाधीन पुलों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हमीरपुर में हाल ही में हुए दर्दनाक पुल हादसे के बाद अब आगरा के फतेहाबाद क्षेत्र में यमुना नदी पर बन रहे पुल का एक विशाल स्लैब अचानक गिर गया। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय वहां काम कर रहे मजदूर कुछ ही देर पहले भोजन के लिए हट गए थे, जिससे संभावित बड़ा हादसा टल गया।

घटना थाना फतेहाबाद क्षेत्र के भोलपुरा गांव के पास की है, जहां यमुना नदी पर फिरोजाबाद को जोड़ने के लिए पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी राजकीय सेतु निगम के पास है। बताया जा रहा है कि 53 मीटर लंबा स्लैब एक दिन पहले ही पिलरों पर स्थापित किया गया था।

दूसरा स्लैब रखने के दौरान हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब ढाई बजे क्रेन की मदद से दूसरा स्लैब स्थापित करने की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान पहले से रखा गया 53 मीटर लंबा स्लैब अचानक असंतुलित होकर कुछ ही सेकंड में नीचे गिर पड़ा। स्लैब गिरते ही जोरदार धमाका हुआ और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके की ओर दौड़ पड़े। हादसे के समय निर्माण स्थल पर मौजूद मजदूरों की जान बाल-बाल बच गई, क्योंकि वे कुछ समय पहले ही भोजन के लिए कार्यस्थल से हटे थे।

मौके पर पहुंची प्रशासनिक टीम

घटना की सूचना मिलते ही राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे की जानकारी जुटाई। निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारियों से भी पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी गई है।

निर्माण स्थल पर मौजूद सेतु निगम के सुपरवाइजर के अनुसार, स्लैब को पिलर पर लकड़ी के गट्टों के सहारे रखा गया था। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि गट्टा खिसकने या निकल जाने के कारण स्लैब असंतुलित होकर नीचे गिर गया।

हादसे की जांच के आदेश

प्रशासन ने घटना की जांच कराने की बात कही है। अधिकारियों के मुताबिक, हादसे में किसी व्यक्ति या पशु को नुकसान नहीं पहुंचा है, लेकिन तकनीकी कारणों की विस्तृत जांच कराई जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

हमीरपुर हादसे के बाद फिर उठे सुरक्षा पर सवाल

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले हमीरपुर में निर्माणाधीन पुल का हिस्सा ढहने से छह मजदूरों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे। उस घटना के बाद पुल निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर व्यापक बहस छिड़ गई थी।

अब आगरा में हुए इस हादसे ने एक बार फिर निर्माणाधीन परियोजनाओं में सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि इस बार जनहानि नहीं हुई, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाएं निर्माण प्रक्रिया में अतिरिक्त सतर्कता की आवश्यकता को दर्शाती हैं।

 

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