जिस दिन मंदिर में रचाई शादी, उसके 5 साल बाद ली जान; झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर की हत्या का सच आया सामने
उत्तर प्रदेश के झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर अनीता चौधरी की सनसनीखेज हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। हत्या के बाद से फरार चल रहे 25 हजार के इनामी बदमाश मुकेश झा को पुलिस ने भगवंतपुरा के पास एक मुठभेड़ के दौरान धर दबोचा।
पुलिस को सूचना मिली थी कि अनीता की हत्या का आरोपी मुकेश झा भगवंतपुरा के पास मौजूद है। सूचना के आधार पर जब पुलिस ने घेराबंदी की, तो मुकेश ने खुद को घिरा देख पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में मुकेश के पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा।
5 साल पहले मंदिर में की थी शादी
पुलिस के अनुसार, लगभग पांच साल पहले अनीता ने शादीशुदा होते हुए भी 5 जनवरी क़ो मुकेश से मंदिर में शादी की थी, लेकिन अब उसने दूरी बना ली थी। प्यार में धोखा मिलने की वजह से मुकेश ने 5 जनवरी क़ो ही अनीता का कत्ल कर दिया।

पुलिस के अनुसार, महिला ऑटो ड्राइवर अनीता चौधरी के मुकेश झा से दोस्ताना संबंध थे। दोनों ने शादी भी कर ली थी। दोनों कई साल से साथ रह रहे थे। पिछले कुछ महीनों से उनके बीच अनबन चल रही थी। कई बार झगड़े व मारपीट भी हो चुकी थी। 5 जनवरी की रात लगभग 2.0 बजे स्टेशन रोड पर अनीता की लाश लहूलुहान हालत में मिली थी। नजदीक ही उसकी टैक्सी भी पलटी पड़ी थी। पुलिस घटना को एक्सीडेंट मान रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने से मौत की बात सामने आई थी।
परिजनों ने मुकेश पर हत्या का शक जाहिर किया था। मुकेश वारदात को अंजाम देकर फरार हो गया था। पुलिस को चकमा देने के लिए मुकेश ने अपनी कार बेतवा नदी पुल के पास खड़ी कर दी थी, पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त तमंचा कार से बरामद कर लिया था।