ब्रज की आस्था और उल्लास का केंद्र वृंदावन स्थित बांकेबिहारी मंदिर में इस बार रंगभरनी एकादशी का उत्सव खास व्यवस्थाओं के बीच मनाया जाएगा। 27 फरवरी को ठाकुरजी भक्तों के साथ सोने की पिचकारी से रंगों की होली खेलेंगे। मंदिर प्रांगण में पांच दिन तक चलने वाले इस भव्य उत्सव का इंतजार श्रद्धालु पूरे वर्ष करते हैं, लेकिन इस बार नई व्यवस्था के कारण आयोजन और भी अद्भुत होने जा रहा है।
रेलिंग के बीच से गुजरेंगे श्रद्धालु, हर भक्त होगा रंग में सराबोर
मंदिर परिसर में नई रेलिंग लगाई गई है, जिसके बीच से होकर श्रद्धालु दर्शन करते हुए आगे बढ़ेंगे। इस दौरान सेवायत भक्तों पर ठाकुरजी का प्रसादी टेसू रंग बरसाएंगे, जिससे हर श्रद्धालु आस्था के रंग में भीगकर ही बाहर निकलेगा। पहले स्थिति यह रहती थी कि पीछे खड़े कई श्रद्धालु केवल दूर से दर्शन कर लौट जाते थे और मंदिर में होली का आनंद लेने की उनकी इच्छा अधूरी रह जाती थी।
पांच दिवसीय रंगोत्सव की होगी शुरुआत
रंगभरनी एकादशी के दिन से मंदिर में पांच दिवसीय रंगों की होली शुरू हो जाएगी। इस बार श्रद्धालु रेलिंग के बीच खड़े होकर ठाकुरजी के साथ होली खेलने का अनुभव प्राप्त करेंगे। शनिवार को मंदिर के बड़े हिस्से में रेलिंग लगा दी गई है, जबकि प्रवेश द्वारों पर भी अगले एक-दो दिनों में रेलिंग लगाने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालुओं की आवाजाही निर्धारित मार्गों से ही होगी।
भीड़ नियंत्रण के साथ दर्शन व्यवस्था आसान
नई व्यवस्था लागू होने के बाद श्रद्धालुओं को दर्शन करने में पहले से अधिक सुविधा मिलने लगी है। इससे भक्तों में उत्साह बढ़ गया है और वे इसी व्यवस्था में होली का आनंद लेने को उत्सुक हैं। पहले केवल आगे के हिस्से या वीआईपी कटहरे के पास खड़े श्रद्धालु ही प्रसादी रंग का पूरा अनुभव ले पाते थे, जबकि पीछे खड़े लोगों पर सेवायत अलग से रंग डालते थे।
इस बार हर श्रद्धालु तक पहुंचेगा रंग का आशीर्वाद
पूरे प्रांगण में रेलिंग लगने से श्रद्धालु बीच के मार्ग से जगमोहन की ओर बढ़ेंगे। वहीं से बरसने वाला आस्था का रंग सीधे भक्तों तक पहुंचेगा, जिससे हर श्रद्धालु ब्रज की परंपरागत होली का आनंद समान रूप से ले सकेगा। इस नई व्यवस्था से आयोजन अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और श्रद्धालुओं के लिए यादगार बनने की उम्मीद है।