अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद शहर के बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और आवागमन को ध्यान में रखते हुए अब मुख्य मार्गों के साथ-साथ आंतरिक गलियों के विकास पर भी जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में रामपथ से सटी 24 गलियों के व्यापक कायाकल्प की तैयारी शुरू हो गई है। नगर निगम ने इसके लिए करीब 32 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना तैयार की है, जिसे मंजूरी के लिए शासन स्तर पर भेजा गया है।
रामपथ बनने के बाद सामने आई नई समस्याएं
सआदतगंज से नयाघाट तक बना रामपथ अयोध्या का प्रमुख और व्यस्त मार्ग बन चुका है। यह मार्ग राम जन्मभूमि मंदिर सहित शहर के कई महत्वपूर्ण स्थलों को जोड़ता है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसी रास्ते से गुजरते हैं। हालांकि फोरलेन रामपथ के निर्माण के बाद इसके किनारे की कई गलियों का स्तर सड़क की तुलना में काफी नीचे हो गया है, जिससे इन क्षेत्रों में जल निकासी से जुड़ी समस्याएं बढ़ गई हैं।
जलभराव और जर्जर सड़कों से स्थानीय लोग परेशान
रामपथ के निर्माण और नई सीवर लाइन बिछाने के बाद आसपास की कई गलियां टूट-फूट का शिकार हो गई हैं। बरसात के समय इन गलियों में जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिससे स्थानीय निवासियों को रोजमर्रा की आवाजाही में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में इन गलियों का सुधार शहर के समग्र विकास का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
सीसी रोड, ड्रेनेज और सुंदरीकरण पर रहेगा फोकस
नगर निगम की प्रस्तावित योजना के तहत इन 24 गलियों में सीसी रोड का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही सड़कों को उचित ढलान देकर जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा। इसके अलावा ड्रेनेज सिस्टम में सुधार और गलियों के सुंदरीकरण से जुड़े कार्य भी इस परियोजना में शामिल किए गए हैं।
रामनगरी में लगातार हो रहा बुनियादी ढांचे का विस्तार
पिछले कुछ समय में अयोध्या में बुनियादी ढांचे के विकास पर तेजी से काम हुआ है। रामपथ के साथ-साथ भक्ति पथ और धर्म पथ जैसे प्रमुख मार्गों का भी विकास किया जा चुका है, जबकि कई अन्य परियोजनाएं अभी निर्माणाधीन हैं। अब रामपथ से सटी गलियों के विकास के बाद आसपास का पूरा इलाका बदला हुआ नजर आएगा और संकरी व जर्जर गलियां चौड़ी, साफ-सुथरी और व्यवस्थित बन सकेंगी।
अपर नगर आयुक्त भारत भार्गव के अनुसार, रामपथ से सटी 24 गलियों को चिन्हित कर उनके कायाकल्प की विस्तृत योजना तैयार की गई है। करीब 32 करोड़ रुपये की इस परियोजना को बजट स्वीकृति के लिए शासन को भेजा गया है और मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू किया जाएगा।