पीलीभीत में बच्चों पर काल बनकर गिरा स्कूल का टिनशेड! 40 बच्चे मलबे में दबे, 8 छात्र और 2 शिक्षिकाएं घायल

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पीलीभीत: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में मंगलवार को बड़ा हादसा हो गया। बीसलपुर के अमृता खास गांव स्थित श्री बालकराम सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय में अचानक टिनशेड भर-भराकर गिर पड़ा। हादसे के वक्त उसके नीचे कक्षा एक से तीन तक के करीब 40 बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। टिनशेड गिरते ही बच्चे और शिक्षिकाएं मलबे के नीचे दब गए। हादसे में आठ बच्चे और दो शिक्षिकाएं घायल हुई हैं। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है।

11:20 बजे अचानक भरभराकर गिरा टिनशेड

बीसलपुर के अमृता खास गांव में विद्या भारती की जन शिक्षा समिति द्वारा संचालित श्री बालकराम सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय में मंगलवार को कक्षा एक से तीन तक के करीब 40 बच्चे टिनशेड के नीचे बैठे थे। करीब 11:20 बजे अचानक टिनशेड भरभराकर नीचे आ गिरा। इससे वहां मौजूद बच्चे और शिक्षिकाएं दब गए।

टिनशेड गिरते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्कूल स्टाफ और आसपास के लोग तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और मलबा हटाकर बच्चों को बाहर निकाला। हादसे में सार्थक, साक्षी, उपासना, चंचल, दिव्यांशी, अभय प्रताप सिंह, रितिक और यश समेत शिक्षिका चंचल और साक्षी घायल हुईं। सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।

शिक्षिका ने तीन बच्चों को अपने नीचे छिपाकर बचाया

हादसे के दौरान शिक्षिका चंचल ने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए तीन बच्चों की जान बचाई। बताया गया कि टिनशेड गिरने के दौरान तीन बच्चे उसके नीचे दबने वाले थे। शिक्षिका ने तुरंत तीनों बच्चों को अपने नीचे छिपा लिया। इसी दौरान टिनशेड उनके ऊपर गिर गया, जिससे उनकी पीठ में गंभीर चोट आई।

शिक्षिका का एक्स-रे कराया गया, जबकि तीनों बच्चे सुरक्षित बताए गए हैं। इस घटना के बाद स्कूल में मौजूद शिक्षिका के साहस की चर्चा हो रही है।

जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित

हादसे के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। एसडीएम नागेंद्र पांडे ने स्कूल की मान्यता समेत अन्य बिंदुओं की जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए तहसीलदार, बीईओ बिलसंडा और एई पीडब्ल्यूडी को शामिल करते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई गई है।

एसडीएम ने बीईओ को शिथिल पर्यवेक्षण के मामले में नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा है। इसके बाद बीईओ ने टिनशेड के नीचे कक्षाएं संचालित किए जाने और शिक्षण कार्य में लापरवाही का हवाला देते हुए स्कूल की मान्यता वापस लेने की संस्तुति कर दी है।

स्कूल के प्रधानाचार्य मौके पर नहीं मिले

हादसे की सूचना मिलने के बाद एसडीएम नागेंद्र पांडे, सीओ राहुल पांडे और प्रभारी निरीक्षक संजीव शुक्ला मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने अपनी निगरानी में घायलों को सरकारी अस्पताल पहुंचाया और उनके उपचार की व्यवस्था कराई।

एसडीएम के मुताबिक, जब वह घटनास्थल पर पहुंचे तो विद्यालय के प्रधानाचार्य वीरेंद्र कुमार मौके पर मौजूद नहीं थे। उनसे विद्यालय की मान्यता और भवन से संबंधित अभिलेखों के साथ जवाब मांगा गया है।

डीएम ने जताई नाराजगी, स्कूलों के निरीक्षण के आदेश

टिनशेड गिरने की घटना में बच्चों के घायल होने की सूचना पर डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने नाराजगी जताई है। प्रशासन अब स्कूलों की स्थिति को लेकर भी सतर्क हो गया है।

बीएसए रोशनी सिंह ने बताया कि स्कूल को कक्षा एक से पांच तक की मान्यता मिली हुई है। टिनशेड के नीचे कक्षाएं संचालित किए जाने के संबंध में प्रबंधक से रिपोर्ट मांगी गई है। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

उन्होंने बताया कि जिले के करीब 200 जर्जर स्कूलों की रिपोर्ट पंचायत विभाग को पहले ही भेजी जा चुकी है। अब स्कूलों का निरीक्षण शुरू किया जाएगा।

घायल बच्चों और शिक्षिकाओं की हालत खतरे से बाहर

हादसे में घायल सभी बच्चों और दोनों शिक्षिकाओं की स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है। सरकारी चिकित्सालय के डॉक्टर चंदन कुमार के अनुसार, सभी घायलों की हालत सामान्य है और उनका उपचार किया जा रहा है।

प्रबंधन ने इलाज का खर्च उठाने की बात कही

विद्यालय प्रबंधन की ओर से भी घायल बच्चों और शिक्षिकाओं के उपचार की व्यवस्था की गई है। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के प्रबंधक विष्णु कुमार गोयल के निर्देश पर विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. रवि शरण सिंह चौहान को घायलों की मदद के लिए अस्पताल भेजा गया।

प्रबंधक विष्णु गोयल ने कहा कि घायल बच्चों और शिक्षिकाओं का उचित उपचार विद्यालय प्रबंध समिति की ओर से कराया जाएगा।

 

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