ग्रेटर नोएडा। नोएडा के सेक्टर-150 में बेसमेंट निर्माण के लिए खोदे गए प्लॉट में पानी भरने से इंजीनियर युवराज की डूबकर हुई मौत के मामले में अब जांच का दायरा और बढ़ सकता है। सूत्रों के मुताबिक इस प्रकरण की सीबीआई जांच की संभावनाएं बन रही हैं। खास बात यह है कि सेक्टर-150 स्थित स्पोर्ट्स सिटी परियोजना से जुड़ा मामला पहले से ही सीबीआई के पास है, जिसमें निवेश, आवंटन प्रक्रिया और फंड डायवर्जन समेत कई बिंदुओं की जांच चल रही है।
स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट पहले से CBI के रडार पर
सेक्टर-150 की स्पोर्ट्स सिटी परियोजना में निवेश करने वाले बिल्डर्स, नोएडा प्राधिकरण की आवंटन प्रक्रिया और कथित फंड डायवर्जन को लेकर सीबीआई पहले ही जांच कर रही है। ऐसे में युवराज की मौत से जुड़ा मामला भी इसी परियोजना से संबंधित होने के कारण अब सीबीआई के दायरे में आ सकता है।
राज्य सरकार ने बनाई थी SIT, आज पूरा होगा जांच का समय
उत्तर प्रदेश शासन ने युवराज मौत मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया था। इस टीम में एडीजी मेरठ जोन, मंडलायुक्त मेरठ और लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को शामिल किया गया है। एसआईटी को मामले की विस्तृत जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जिसका आज अंतिम दिन बताया जा रहा है।
इन विभागों की भूमिका जांच के दायरे में
एसआईटी की जांच के दायरे में नोएडा प्राधिकरण, गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट और जिला प्रशासन की भूमिका प्रमुख रूप से शामिल है। यह देखा जा रहा है कि बेसमेंट के लिए खोदे गए प्लॉट में पानी भरने जैसी स्थिति कैसे बनी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी किस स्तर पर हुई।
अब नजरें SIT रिपोर्ट और अगले फैसले पर
एसआईटी की रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाएगी या नहीं। फिलहाल प्रशासनिक और जांच एजेंसियों की गतिविधियों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।