ईरान युद्ध पर ट्रंप का बड़ा बयान: हमले का आइडिया रक्षामंत्री का था, प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुला विवाद

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ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी युद्ध अब 25वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन संघर्ष थमने के संकेत नहीं मिल रहे। युद्धविराम की घोषणा के बावजूद हमले जारी हैं। इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप ने एक प्रेस वार्ता में बड़ा बयान देकर सबको चौंका दिया। उन्होंने ईरान पर हमले के फैसले के लिए अपने ही रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को जिम्मेदार ठहरा दिया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने हेगसेथ की ओर इशारा करते हुए कहा कि हमला करने का सुझाव सबसे पहले उन्होंने ही दिया था। ट्रंप के इस बयान के बाद मंच पर मौजूद हेगसेथ असहज नजर आए और चुपचाप बैठे रहे।

हमले के पक्ष में मजबूती से खड़े थे हेगसेथ
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पूरे संघर्ष में ट्रंप के बाद सबसे आक्रामक रुख अपनाने वालों में पीट हेगसेथ का नाम प्रमुख रहा है। उन्हें इस महीने एक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट में ट्रंप का सबसे मजबूत समर्थक बताया गया था।
हेगसेथ, जो पहले एक मीडिया होस्ट और सैनिक रह चुके हैं, खुद को “अनिश्चित युद्धों” का विरोधी बताते हैं, लेकिन ईरान के खिलाफ कार्रवाई को लेकर उनका रुख काफी सख्त रहा है। उन्होंने मार्च की शुरुआत में कहा था कि अमेरिका निर्णायक और कठोर तरीके से जीत हासिल कर रहा है।

ट्रंप ने अपने ही मंत्री के फैसले पर उठाए सवाल
अब इसी मुद्दे पर ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से हेगसेथ के फैसले पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि युद्ध की शुरुआत का विचार सबसे पहले हेगसेथ ने ही रखा था और तर्क दिया था कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना जरूरी है।
इस बयान को राजनीतिक हलकों में एक तरह का तंज और जिम्मेदारी टालने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

वैश्विक असर: ऊर्जा संकट गहराया
इस युद्ध का असर वैश्विक स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य बंद किए जाने के बाद तेल और ऊर्जा की कीमतों में तेज उछाल आया है। इससे अमेरिका समेत कई देशों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है और युद्ध पर हो रहे भारी खर्च को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

कौन हैं पीट हेगसेथ?
पीट हेगसेथ ने जनवरी में ट्रंप कैबिनेट में रक्षा सचिव के रूप में शपथ ली थी। उनकी नियुक्ति अमेरिकी सीनेट में बेहद कम अंतर से पास हुई थी, जिसमें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने निर्णायक वोट दिया था।
हेगसेथ का जन्म मिनेसोटा में हुआ और उन्होंने प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से शिक्षा हासिल की। वह आर्मी नेशनल गार्ड में सेवा दे चुके हैं और इराक व अफगानिस्तान में तैनाती के दौरान दो बार ब्रॉन्ज स्टार से सम्मानित किए गए।
हालांकि, उनके करियर के दौरान उन पर व्यक्तिगत आचरण से जुड़े कई आरोप भी लगे, जिन्हें उन्होंने हमेशा खारिज किया है।

युद्ध के बीच बढ़ता सियासी तनाव
ईरान युद्ध के बीच ट्रंप और उनके रक्षा मंत्री के बीच इस तरह का सार्वजनिक मतभेद सामने आना अमेरिकी राजनीति में हलचल पैदा कर सकता है। इससे यह भी साफ होता है कि युद्ध के फैसलों को लेकर अंदरूनी दबाव और मतभेद बढ़ते जा रहे हैं।

 

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