ईरान पर अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई का आज 35वां दिन है। एक महीने से ज्यादा वक्त गुजरने के बावजूद युद्धविराम को लेकर कोई ठोस सहमति बनती नजर नहीं आ रही है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ताजा बयान ने हालात को और गंभीर बना दिया है। ट्रंप की नई चेतावनी ने संकेत दिया है कि आने वाले घंटों में संघर्ष और तेज हो सकता है।
ट्रंप ने फिर दिलाई 6 अप्रैल की डेडलाइन की याद
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए ईरान को दी गई समयसीमा का जिक्र किया। उन्होंने लिखा, “याद है जब मैंने ईरान को समझौता करने या होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए 10 दिन का समय दिया था? समय तेजी से बीत रहा है।” इसके साथ ही उन्होंने सीधी चेतावनी दी कि “48 घंटे बाद उन पर कहर टूट पड़ेगा।” ट्रंप द्वारा दी गई यह समयसीमा अब खत्म होने के करीब है, जिससे सैन्य कार्रवाई की आशंका और गहरा गई है।
सीजफायर पर नहीं बन रही सहमति
लगातार जारी तनाव के बीच अब तक युद्धविराम को लेकर किसी भी स्तर पर सकारात्मक संकेत नहीं मिले हैं। दोनों पक्षों के बीच बातचीत की संभावनाएं कमजोर पड़ती दिख रही हैं, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ रही है।
ईरान ने खारिज की मध्यस्थता, हमले तेज
स्थिति को और जटिल बनाते हुए ईरान ने किसी भी तरह के समझौते की पहल से इनकार कर दिया है। हाल ही में पाकिस्तान के जरिए पहुंचाए गए संदेश को भी ईरान ने ठुकरा दिया। इसके साथ ही ईरान ने मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजरायल के खिलाफ अपने हमले तेज कर दिए हैं।
अमेरिका को बड़ा सैन्य नुकसान
पिछले 24 घंटों में ईरान ने अमेरिका के कई लड़ाकू विमानों और सैन्य उपकरणों को निशाना बनाया है। जानकारी के मुताबिक एफ-35 और एफ-15 जैसे दो फाइटर जेट, एक ए-10 एयरक्राफ्ट और कई सैन्य हेलीकॉप्टर मार गिराए गए हैं। इसे इस संघर्ष के दौरान अमेरिका के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है।