ट्रंप की ईरान को खुली चेतावनी! बोले- प्रॉक्सी गतिविधियां नहीं रुकीं तो होगा और बड़ा हमला, समुद्री मार्ग रोकने पर भी दी सख्त धमकी
वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच जारी कूटनीतिक कोशिशों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर तेहरान को कड़ी चेतावनी दी है। स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत चल रही है, लेकिन इसी दौरान ट्रंप के सख्त बयान ने तनाव को और बढ़ा दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि ईरान अपने सहयोगी समूहों की गतिविधियों पर रोक नहीं लगाता है तो अमेरिका पहले से भी अधिक शक्तिशाली कार्रवाई कर सकता है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच पर जारी संदेश में कहा कि ईरान को लेबनान में अपने समर्थित समूहों को तत्काल गड़बड़ी फैलाने से रोकना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो अमेरिका की प्रतिक्रिया पिछले सप्ताह की कार्रवाई से भी ज्यादा कठोर होगी।
समुद्री मार्ग को लेकर भी दी कड़ी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने संकेत दिया कि यदि महत्वपूर्ण नौवहन मार्गों को बाधित करने की कोशिश की गई तो अमेरिका सख्त जवाब देगा। ट्रंप ने कहा कि ऐसे किसी भी कदम का गंभीर परिणाम होगा और अमेरिका आवश्यक होने पर रणनीतिक समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीधे कदम उठा सकता है।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों पर नियंत्रण और वहां से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ा विवाद
ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब ईरान की संयुक्त सैन्य कमान पहले ही हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की चेतावनी दे चुकी है। ईरान ने क्षेत्रीय हालात और लेबनान में जारी संघर्ष का हवाला देते हुए कहा था कि यदि दबाव और आक्रामकता जारी रही तो वह आगे के कदम उठाने पर विचार कर सकता है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और इसके बंद होने की आशंका से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चिंता बढ़ सकती है।
स्विट्जरलैंड में जारी है वार्ता
तनावपूर्ण बयानों के बीच स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत भी जारी है। दोनों पक्ष हाल में हुए अंतरिम समझौते को आगे बढ़ाने और क्षेत्रीय तनाव कम करने के विकल्पों पर चर्चा कर रहे हैं।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बातचीत को लेकर सकारात्मक संकेत देते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों में नई शुरुआत की संभावना मौजूद है। वार्ता में ईरान की ओर से वरिष्ठ राजनीतिक और कूटनीतिक प्रतिनिधि शामिल हुए, जबकि पाकिस्तान और कतर मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं।
परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय संघर्ष पर फोकस
बैठक में ईरान के परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं। ईरानी पक्ष ने संकेत दिया है कि बातचीत के दौरान इजरायल और लेबनान की स्थिति भी प्रमुख एजेंडा में शामिल है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लेबनान में बढ़ते तनाव और ईरान समर्थित समूहों की गतिविधियां अमेरिका-ईरान वार्ता को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में स्विट्जरलैंड में चल रही बातचीत का अगला चरण दोनों देशों के रिश्तों और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अहम माना जा रहा है।