कीर स्टार्मर के पलटवार के बाद बदला ट्रंप का रुख, अफगानिस्तान में लड़ने वाले ब्रिटिश सैनिकों की अमेरिकी राष्ट्रपति ने की खुलकर तारीफ
वाशिंगटन: ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के कड़े जवाब के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रुख बदला नजर आ रहा है। अफगानिस्तान को लेकर दिए गए विवादित बयान पर अंतरराष्ट्रीय आलोचना झेलने के बाद ट्रंप ने अब ब्रिटिश सैनिकों की सराहना करते हुए सोशल मीडिया पर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने अफगानिस्तान में लड़ने वाले ब्रिटिश सैनिकों को बहादुर बताते हुए दोनों देशों की सेनाओं के बीच अटूट रिश्ते की बात कही है।
विवादित बयान के बाद बढ़ा दबाव
दरअसल, हाल ही में स्विट्जरलैंड के दावोस में फॉक्स बिजनेस नेटवर्क को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने दावा किया था कि अफगानिस्तान में जरूरत के वक्त नाटो सहयोगी देश, खासतौर पर ब्रिटिश सैनिक, फ्रंटलाइन से पीछे रहे। इस बयान के सामने आते ही ब्रिटेन में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। खासकर वे परिवार नाराज हुए, जिनके परिजन अफगानिस्तान में शहीद हुए या गंभीर रूप से घायल हुए थे।
स्टार्मर ने माफी की मांग की
ट्रंप के बयान पर ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे अपमानजनक करार दिया था और अमेरिकी राष्ट्रपति से सार्वजनिक माफी की मांग की थी। डाउनिंग स्ट्रीट ने साफ किया था कि अफगानिस्तान में ब्रिटिश और अमेरिकी सैनिकों ने कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ी और कई जवान कभी घर नहीं लौटे, ऐसे बलिदान को कमतर नहीं आंका जा सकता।
अब ट्रंप ने ब्रिटिश सैनिकों को बताया बहादुर
आलोचनाओं के बीच ट्रंप ने शनिवार को ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर ब्रिटिश सैनिकों की प्रशंसा की। उन्होंने लिखा कि यूनाइटेड किंगडम के “महान और बेहद साहसी सैनिक” हमेशा अमेरिका के साथ खड़े रहे हैं। ट्रंप ने अफगानिस्तान में शहीद हुए 457 ब्रिटिश सैनिकों और महिलाओं का जिक्र करते हुए उन्हें “सभी योद्धाओं में सबसे महान” बताया।
अमेरिका-ब्रिटेन सैन्य रिश्तों को बताया अटूट
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने पोस्ट में कहा कि अमेरिका और ब्रिटेन की सेनाओं के बीच रिश्ता इतना मजबूत है कि उसे तोड़ा नहीं जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के बाद यूनाइटेड किंगडम किसी से कम नहीं है और उसमें “अद्भुत दिल और आत्मा” है। हालांकि ट्रंप ने अपने पहले दिए गए बयान पर न तो सीधी माफी मांगी और न ही उसे औपचारिक रूप से वापस लिया।
दोनों नेताओं की बातचीत में उठा मुद्दा
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, शनिवार को ट्रंप और स्टार्मर के बीच हुई बातचीत में यह मुद्दा उठाया गया था। बातचीत के दौरान यूक्रेन युद्ध और आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। पीएम कार्यालय ने दोहराया कि अफगानिस्तान में शहीद हुए सैनिकों के बलिदान को कभी नहीं भुलाया जाना चाहिए।