उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। सबसे अहम फैसला शिक्षामित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय को बढ़ाने को लेकर लिया गया।
शिक्षामित्र और अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी
योगी सरकार ने शिक्षामित्रों के मानदेय को 10,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये करने का प्रस्ताव मंजूर किया है। वहीं, अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय 9,000 रुपये से बढ़ाकर 17,000 रुपये किया गया। बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा और मई के भुगतान से इसका लाभ शिक्षामित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों को मिलेगा। इस निर्णय से प्रदेश के 1.43 लाख शिक्षामित्र और 24,717 अंशकालिक अनुदेशक सीधे लाभान्वित होंगे।
शिक्षा क्षेत्र में 1,475 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय
संदीप सिंह ने कहा कि मानदेय वृद्धि से सरकार पर 1,475 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त व्यय भार आएगा, लेकिन यह कदम शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और शिक्षा कर्मियों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए आवश्यक है।
अंबेडकर और अन्य महापुरुषों के स्मारकों का नवीनीकरण
कैबिनेट ने डॉ. भीमराव अंबेडकर और भारतीय संविधान के पुरोधाओं की प्रतिमाओं पर छत्र, बाउंड्री वॉल और सौंदर्यीकरण के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। योगी सरकार यूपी की हर विधानसभा में 10 स्मारकों का विकास कराएगी। इसके लिए कुल 403 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना का शुभारंभ 14 अप्रैल से किया जाएगा।
49 बस अड्डे एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से लैस होंगे
कैबिनेट ने पीपीपी मॉडल पर 49 नए बस अड्डों के निर्माण को मंजूरी दी है। ये बस अड्डे आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे और एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं प्रदान करेंगे, जिससे यात्रियों के अनुभव में सुधार होगा।
योगी सरकार के फैसलों का उद्देश्य
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी कैबिनेट के ये फैसले शिक्षा, सार्वजनिक परिवहन और स्मारकों के विकास को ध्यान में रखते हुए लिए गए हैं। सरकार का लक्ष्य शिक्षा कर्मियों का जीवन स्तर सुधारना और राज्य के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों का सौंदर्यीकरण करना है।