लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक नई पहल की रूपरेखा तैयार कर ली है। अब नगर पालिका परिषद वाले 200 छोटे शहरों को सेफ सिटी प्रोजेक्ट में शामिल किया जाएगा। इस योजना का मकसद इन शहरों में महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाना है। इसके तहत इन शहरों में CCTV कैमरे लगाए जाएंगे और पिंक शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही संवेदनशील व प्रमुख स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें भी लगाई जाएंगी, ताकि रात में भी महिलाएं बिना डर के निकल सकें।
योजना को लागू करने के लिए अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 50 करोड़ रुपये की मांग की जा रही है। जरूरत पड़ने पर इस बजट को बढ़ाने की भी संभावना है। उल्लेखनीय है कि स्मार्ट सिटी योजना के पहले चरण में 17 नगर निगम वाले शहरों को पहले ही सेफ सिटी बनाया जा चुका है। अब दूसरे चरण में 200 नगर पालिका परिषदों को सेफ सिटी में बदलने की तैयारी है और इस पर उच्च अधिकारियों की बैठक में सहमति बन चुकी है।
सरकार ने इस योजना को बजट में शामिल करने के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया है। बजट पास होते ही सर्वे का काम शुरू होगा, जिसमें यह तय किया जाएगा कि किन-किन जगहों पर CCTV कैमरे लगाए जाएंगे और कितने पिंक शौचालय बनेंगे। इसके बाद संबंधित नगर पालिका परिषदों से प्रस्ताव मांगे जाएंगे।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए स्ट्रीट लाइटों के साथ जरूरत के अनुसार हाईमास्ट लाइटें भी लगाई जाएंगी, जिससे रात के समय शहर के प्रमुख हिस्सों में रोशनी बनी रहे और महिलाओं का आवागमन सुरक्षित हो। CCTV कैमरों को कमांड कंट्रोल रूम से जोड़कर निगरानी का सिस्टम भी बनाया जाएगा, ताकि किसी भी संदिग्ध घटना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।