UP Holi Tradition: यूपी के इस गांव में एक दिन बाद खेली जाती है होली, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

0 16

होली रंगों, अबीर-गुलाल और खुशियों का त्योहार है, जिसे पूरा देश चैत्र कृष्ण प्रतिपदा को मनाता है। लेकिन उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के एक गांव में यह पर्व मुख्य तिथि के एक दिन बाद मनाया जाता है।

सादात ब्लॉक की भीमापार ग्राम पंचायत में दशकों से यह अनोखी परंपरा चली आ रही है। यहां लोग द्वितीया तिथि को होली खेलते हैं, जबकि बाकी देश एक दिन पहले रंगों में डूबा होता है। इस वर्ष भी जहां देशभर में होली बुधवार को मनाई जाएगी, वहीं भीमापार में 5 मार्च को रंगों का जश्न होगा।

परंपरा के पीछे दो रोचक मान्यताएं

भीमापार में एक दिन बाद होली मनाने के पीछे ग्रामीण दो प्रमुख तर्क देते हैं।

पहली मान्यता के अनुसार, प्राचीन समय में गांव में नर्तकियां रहती थीं। होली के दिन गांव के प्रतिष्ठित लोग और ग्रामीण आसपास के जमींदारों के यहां होली खेलने चले जाते थे, जिससे गांव खाली हो जाता था। अगले दिन जब सभी लौटते थे, तब गांव में होली मनाई जाती थी।

दूसरी मान्यता यह है कि किसी संत या प्रतिष्ठित व्यक्ति के निधन के कारण यह परंपरा शुरू हुई। कहा जाता है कि जब भी कुछ लोगों ने इस प्रथा को बदलने की कोशिश की, गांव में कोई न कोई अशुभ घटना घटी। इसी वजह से आज भी ग्रामीण पूर्वजों की परंपरा को निभाते आ रहे हैं।

इतना हुड़दंग कि बंद हो जाते हैं रास्ते

भीमापार की होली अपने खास अंदाज और हुड़दंग के लिए दूर-दूर तक मशहूर है। जिस दिन यहां होली खेली जाती है, उस दिन बाजार से कोई वाहन नहीं गुजरता। अगर कोई अनजान व्यक्ति गलती से बाजार में पहुंच जाए, तो उसे भी रंगों से सराबोर कर दिया जाता है।

स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए प्रशासन को विशेष सुरक्षा इंतजाम करने पड़ते हैं और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया जाता है।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.