लखनऊ में पहली बार मत्स्य क्षेत्र का इतना बड़ा आयोजन होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश का पहला ‘मीन महोत्सव’ (एक्वा एक्सपो) शुक्रवार से शुरू होगा, जिसमें प्रदेश और देशभर से वैज्ञानिक, मत्स्य उद्यमी और बड़ी संख्या में मत्स्य पालक हिस्सा लेंगे। इस दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन मत्स्य विभाग की ओर से किया जा रहा है।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान बनेगा आयोजन का केंद्र
यह भव्य आयोजन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित होगा। प्रदेश के मत्स्य मंत्री संजय निषाद ने बुधवार को गोमती नगर स्थित Hotel Taj में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पहली बार इस तरह का ‘मीन महोत्सव’ आयोजित किया जा रहा है, जो मत्स्य क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगा। एक्सपो में 50 कंपनियां औद्योगिक प्रदर्शनी और स्टॉल लगाएंगी, जहां आधुनिक तकनीकों और उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा।
तकनीकी सत्रों में आधुनिक तकनीक से निर्यात तक पर मंथन
महोत्सव के दौरान मत्स्य पालकों, मत्स्य उद्यमियों और वैज्ञानिकों के बीच विस्तृत विचार-विमर्श होगा। आधुनिक मत्स्य पालन तकनीक, मछलियों में रोग नियंत्रण, गुणवत्तायुक्त मत्स्य बीज उत्पादन, मूल्य संवर्धन, विपणन और निर्यात संभावनाओं जैसे अहम विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। इस मंच के जरिए मत्स्य विशेषज्ञों और उद्यमियों के साथ सीधा संवाद स्थापित होगा, जिससे मत्स्य पालक अपनी समस्याओं का समाधान तलाश सकेंगे।
होटल और कैटरर्स से सीधी सप्लाई पर बनी सहमति
पत्रकार वार्ता से पहले होटल और रेस्टोरेंट स्वामियों, कैटरर्स, संबंधित हितधारकों और अधिकारियों के बीच बैठक आयोजित की गई। इसमें मत्स्य पालकों से सीधे होटलों और कैटरर्स को मछली की आपूर्ति सुनिश्चित करने के विषय पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दिशा में जल्द ही ठोस कार्ययोजना तैयार करने का निर्णय लिया गया है, जिससे बिचौलियों की भूमिका कम हो और मत्स्य पालकों को बेहतर मूल्य मिल सके।
इस मौके पर मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार डॉ. केवी राजू, अपर मुख्य सचिव (मत्स्य) मुकेश कुमार मेश्राम और महानिदेशक मत्स्य धनलक्ष्मी के. समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।