अमेरिका का भारतीय बिजनेसमैन पर बड़ा एक्शन! ईरान की मदद के आरोप में दंपति और 8 कंपनियों पर प्रतिबंध, हॉर्मुज में भारत को मिली राहत
वॉशिंगटन: ईरान के तेल कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए अमेरिका ने बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने भारत में रहने वाले एक दंपति और उनसे जुड़ी कई कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। अमेरिका का आरोप है कि ये लोग फर्जी समुद्री पंजीकरण और प्रमाणपत्रों के जरिए ईरान के प्रतिबंधित तेल कारोबार में शामिल जहाजों की मदद कर रहे थे। इस कार्रवाई के साथ अमेरिकी प्रशासन ने ईरान को समर्थन देने वाले नेटवर्क को कड़ी चेतावनी भी दी है। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब ईरान ने भारत समेत चार देशों के जहाजों को हॉर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही संबंधी पाबंदियों से छूट दी है।
भारतीय दंपति पर ईरान के तेल नेटवर्क की मदद का आरोप
अमेरिकी वित्त मंत्रालय की प्रतिबंध सूची में भारत में रहने वाले सुनील कुमार शर्मा और उनकी पत्नी जसप्रीत प्रीति शाहिद के नाम शामिल हैं। अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि दोनों एक ऐसे नेटवर्क का संचालन कर रहे थे, जो प्रतिबंधित जहाजों को फर्जी समुद्री झंडे और प्रमाणपत्र उपलब्ध कराता था।
अमेरिका के मुताबिक, इस नेटवर्क के जरिए ऐसे जहाजों को मदद मिल रही थी, जो कथित तौर पर ईरानी पेट्रोलियम का परिवहन करते थे। इन जहाजों का संचालन ईरान की सैन्य इकाइयों और उनसे जुड़े संगठनों की ओर से किया जा रहा था।
फर्जी समुद्री रजिस्ट्रियों के जरिए प्रतिबंधों से बचने का आरोप
अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि भारतीय दंपति ने कई फर्जी समुद्री रजिस्ट्रियां और वर्गीकरण संस्थाएं तैयार की थीं। इसके लिए वेबसाइटें भी बनाई गई थीं, जिन पर दावा किया जाता था कि ये अलग-अलग देशों की ओर से समुद्री पंजीकरण और अन्य सेवाएं उपलब्ध कराती हैं।
हालांकि, अमेरिकी वित्त मंत्रालय के अनुसार संबंधित देशों ने इन संस्थाओं को ऐसी सेवाएं देने का कोई आधिकारिक अधिकार नहीं दिया था। विभाग का आरोप है कि यह गतिविधियां कम से कम 2014 से चल रही थीं। इस नेटवर्क पर कैरेबियाई देश डोमिनिका के समुद्री पंजीकरण प्राधिकरण की पहचान का इस्तेमाल करने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया गया है।
भारत की 8 कंपनियां भी अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में
अमेरिका ने भारतीय दंपति से जुड़ी आठ कंपनियों और संस्थाओं को भी प्रतिबंधित सूची में शामिल किया है। इनमें Oceaniek Technologies India, Aryavart Ship Management Private Limited, Precept Trends Private Limited, Polynesia Maritime Private Limited, Alexarya Finserv Private Limited, Alexarya Media and Entertainment Private Limited, Viharaboating Private Limited और Aryavart Maritime and Educational Trust शामिल हैं।
अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि ये सभी संस्थाएं उस नेटवर्क से जुड़ी थीं, जो प्रतिबंधित जहाजों को फर्जी पंजीकरण, प्रमाणन और दूसरी समुद्री सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद करता था।
तुर्किये की कंपनी पर भी अमेरिका ने कसा शिकंजा
अमेरिका की कार्रवाई सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रही। तुर्किये की कंपनी Fugo Ground Services Inc पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं। अमेरिकी वित्त मंत्रालय का आरोप है कि यह कंपनी पहले से प्रतिबंधों का सामना कर रही कई ईरानी विमानन कंपनियों को जमीन पर विमान संचालन से जुड़ी सेवाएं और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करा रही थी।
इन कंपनियों में Iran Air Tour, Saha Airlines, Sepehran Airlines, Varesh Airlines, Taban Airlines और Ata Airlines Company के नाम शामिल हैं।
ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट के तहत हुई कार्रवाई
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने बताया कि यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ के तहत की गई है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि ईरानी शासन को समर्थन देने वाले लोगों और संस्थाओं के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
बेसेंट के मुताबिक, अमेरिकी प्रशासन ऐसे नेटवर्क को निशाना बना रहा है, जो तेल की तस्करी, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने और ईरान तक धन पहुंचाने में मदद करते हैं।
वैश्विक समुद्री कंपनियों को भी अमेरिका की चेतावनी
अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने दुनिया भर के समुद्री कारोबार से जुड़ी कंपनियों और संस्थाओं को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग का कहना है कि फर्जी पंजीकरण वाले जहाज अंतरराष्ट्रीय नियमों, समुद्री सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मानकों को दरकिनार कर सकते हैं।
दूसरी ओर, हॉर्मुज जलडमरूमध्य में भारत समेत चार देशों को आवाजाही संबंधी पाबंदियों से मिली छूट इस पूरे घटनाक्रम को और अहम बनाती है। ऐसे में एक तरफ अमेरिका ईरान के तेल नेटवर्क से जुड़े लोगों पर प्रतिबंध बढ़ा रहा है, तो दूसरी तरफ इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर भारत को राहत मिलने की खबर सामने आई है।