ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्तों के सीजफायर के ऐलान के बाद अब अमेरिकी राजधानी वॉशिंगटन में सियासी हलचल तेज हो गई है। फैसले के विरोध में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और व्हाइट हाउस के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपने गुस्से का इजहार किया।
फैसले पर उठे सवाल, बताया जल्दबाजी
प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि सरकार ने सीजफायर का फैसला जल्दबाजी में लिया है, जिसका असर क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है। कुछ प्रदर्शनकारियों ने इसे कमजोर कूटनीतिक कदम करार देते हुए फैसले में पारदर्शिता की मांग की।
व्हाइट हाउस के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। व्हाइट हाउस के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
इस्लामाबाद में होगी अहम वार्ता
सीजफायर के बाद अब कूटनीतिक स्तर पर बातचीत की प्रक्रिया आगे बढ़ने वाली है। अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच इस्लामाबाद में वार्ता प्रस्तावित है। इस बीच इजरायल ने भी ईरान पर हमले रोकने पर सहमति जता दी है, जिससे क्षेत्र में तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ी है।
ट्रंप का बयान— ‘दो हफ्तों के लिए हमले स्थगित’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जानकारी दी कि वह दो हफ्तों के लिए ईरान पर बमबारी और सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमत हुए हैं। उन्होंने इसे व्यापक युद्धविराम की दिशा में एक अहम कदम बताया।
पाकिस्तान की भूमिका का जिक्र, होर्मुज खोलने की शर्त
ट्रंप ने यह भी कहा कि यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर के साथ हुई बातचीत के बाद लिया गया। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सीजफायर इस शर्त पर आधारित है कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोले, जिसे वैश्विक व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।