पश्चिमी विक्षोभ के असर से छत्तीसगढ़ का मौसम इन दिनों बदला हुआ नजर आ रहा है। कई इलाकों में बादल छाए हुए हैं और हल्की बारिश भी दर्ज की गई है। इसी बीच मौसम विभाग ने दक्षिणी छत्तीसगढ़ के पांच जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जहां तेज बारिश, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है।
इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट, तेज हवाओं का भी अंदेशा
मौसम विभाग के मुताबिक, नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर और सुकमा जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली गिरने की भी आशंका है। बाकी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां हल्की बारिश और वज्रपात हो सकता है।
रायपुर में भी बदलेगा मौसम, बादल और बारिश के आसार
राजधानी रायपुर में शुक्रवार को दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है। साथ ही गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। यहां अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
अगले तीन दिन कैसा रहेगा मौसम
20 मार्च को दक्षिणी जिलों में तेज बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है, जबकि बाकी इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है।
21 मार्च को सुकमा और बीजापुर को छोड़कर लगभग पूरे प्रदेश में येलो अलर्ट रहेगा। इस दौरान गरज-चमक, तेज हवाएं और हल्की बारिश के आसार हैं।
22 मार्च यानी रविवार को भी प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम ऐसा ही बना रहेगा। हालांकि कुछ जिलों—गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सक्ती, बलौदाबाजार-भाटापारा, सारंगढ़-बिलाईगढ़, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, दुर्ग, रायपुर, महासमुंद, राजनांदगांव, बालोद और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी—में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।
तापमान में अभी नहीं होगा बड़ा बदलाव
मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटों तक तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। इसके बाद आने वाले दिनों में तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है।
बीते दिन कैसा रहा मौसम
गुरुवार को प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई। जगदलपुर में 5 मिमी और पेंड्रा में 1 मिमी बारिश हुई। वहीं अधिकतम तापमान दुर्ग में 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस जगदलपुर में रहा।
मौसम बदलने की वजह क्या है
मौसम में इस बदलाव के पीछे कई वजहें हैं। झारखंड से लेकर असम तक फैली द्रोणिका और मध्य भारत के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण का असर दिख रहा है। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने सिस्टम की वजह से भी प्रदेश में मौसम सक्रिय बना हुआ है।