रांची और झारखंड के कई जिलों में सोमवार की रात से ही मौसम ने उग्र रूप धारण कर लिया। मंगलवार को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में तेज आंधी के साथ बारिश दर्ज की गई। कुछ क्षेत्रों में वज्रपात की भी खबरें मिलीं। मौसम विभाग ने आगामी नौ अप्रैल तक आंधी-बारिश और वज्रपात की संभावना जताई है। साथ ही जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है। रांची के मौसम विशेषज्ञ अभिषेक आनंद ने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश और ओडिशा में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से झारखंड में मौसम अस्थिर हो गया है।
कई जिलों में रिकॉर्ड बारिश, पेड़ और होर्डिंग्स गिरीं
सोमवार और मंगलवार को मिली बारिश के आंकड़े भी चिंताजनक हैं। पूर्वी सिंहभूम में 52.2 मिमी, रांची में 11.4 मिमी, पश्चिमी सिंहभूम में 8.4 मिमी और खूंटी में 8 मिमी बारिश दर्ज की गई। संताल-कोयलांचल क्षेत्र में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। कई जगहों पर पेड़ों की टहनियां और होर्डिंग्स गिरने से लोगों की जान-माल को खतरा उत्पन्न हुआ। रांची में मंगलवार को झमाझम बारिश के बीच लोग अपने घरों की ओर भागते दिखे।
लोहरदगा में वज्रपात ने छीनी जान
लोहरदगा के जुरिया सेमर टोली गांव में मंगलवार को वज्रपात से 19 वर्षीय युवक आकाश उरांव की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह मवेशियों को लाने के लिए खेत की ओर जा रहा था, तभी वज्रपात की चपेट में आ गया। घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई।
चांडिल में बिजली और पेड़ों का तांडव, जनजीवन प्रभावित
चांडिल अनुमंडल में मंगलवार शाम हुई तेज आंधी और बारिश से करीब एक दर्जन बिजली के खंभे उखड़ गए। टूटे तारों और गिरते पेड़ों के कारण कई इलाकों में घंटों बिजली गुल रही। सिंहभूम कॉलेज चांडिल के गेट पर पेड़ और एलटी तार टूटकर गिर गए। विद्युत सहायक अभियंता कालीनाथ सिंह मुंडा के नेतृत्व में टीम बिजली बहाल करने में जुटी रही। मात्र आधे घंटे की बारिश के कारण चांडिल बाजार की नालियों में गंदा पानी बहने लगा, जिससे वातावरण पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।