नई दिल्ली। देश में औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने ‘भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA)’ को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत देशभर में 100 प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जाएंगे, जिन पर कुल 33,660 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
क्या है BHAVYA योजना?
BHAVYA योजना का उद्देश्य देश में विश्वस्तरीय औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत करना है। यह योजना नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट प्रोग्राम (NICDP) के फ्रेमवर्क पर आधारित है और इसे राज्यों व निजी क्षेत्र की साझेदारी में लागू किया जाएगा। इसके जरिए निवेश बढ़ाने और भारत की आर्थिक विकास दर को गति देने पर जोर रहेगा।
प्लग-एंड-प्ले मॉडल से आसान होगा बिजनेस
इस योजना के तहत तैयार होने वाले इंडस्ट्रियल पार्क ‘प्लग-एंड-प्ले’ मॉडल पर आधारित होंगे, यानी निवेशकों को पहले से तैयार जमीन, इंफ्रास्ट्रक्चर और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे उद्योगों को तेजी से उत्पादन शुरू करने में मदद मिलेगी और बिजनेस शुरू करने में आने वाली बाधाएं कम होंगी। साथ ही सिंगल-विंडो सिस्टम और आसान मंजूरी प्रक्रिया भी लागू की जाएगी।
100 से 1000 एकड़ तक विकसित होंगे पार्क
BHAVYA योजना के तहत 100 से 1000 एकड़ तक के इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जाएंगे। सरकार प्रति एकड़ एक करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता देगी। इसके अलावा प्रोजेक्ट कॉस्ट का 25% तक सपोर्ट कोर और बाहरी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी दिया जाएगा।
तीन स्तर का इंफ्रास्ट्रक्चर होगा तैयार
इस योजना के अंतर्गत कोर, वैल्यू-एडेड और सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा।
कोर इंफ्रास्ट्रक्चर में सड़कें, अंडरग्राउंड यूटिलिटी, ड्रेनेज और कॉमन ट्रीटमेंट सुविधाएं शामिल होंगी।
वैल्यू-एडेड इंफ्रास्ट्रक्चर में तैयार फैक्ट्री शेड, टेस्टिंग लैब और वेयरहाउसिंग की व्यवस्था होगी।
सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर के तहत वर्कर्स के लिए आवास और अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
PM गतिशक्ति से जुड़ेगा नेटवर्क
इन इंडस्ट्रियल पार्कों को पीएम गतिशक्ति योजना के सिद्धांतों के अनुरूप विकसित किया जाएगा, जिससे मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और बेहतर लॉजिस्टिक्स सुनिश्चित हो सके। साथ ही ग्रीन एनर्जी और सस्टेनेबल संसाधनों का उपयोग भी किया जाएगा।
रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि BHAVYA योजना से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा। मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर में लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। साथ ही यह योजना देश में घरेलू और विदेशी निवेश को भी आकर्षित करेगी।
किन्हें मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?
इस योजना का सबसे बड़ा लाभ मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, MSMEs, स्टार्टअप्स और ग्लोबल निवेशकों को मिलेगा, जिन्हें रेडी-टू-यूज़ इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध होगा। इसके अलावा श्रमिकों, लॉजिस्टिक्स कंपनियों और स्थानीय समुदायों को भी इसका लाभ मिलेगा।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम
BHAVYA योजना को मंजूरी मिलना आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इससे देश की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ेगी, निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और भारत वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था के रूप में और मजबूत होगा।