ईरान के स्कूल पर किसने किया मिसाइल हमला? सवाल पर ट्रंप बोले- मुझे पर्याप्त जानकारी नहीं

0 17

नई दिल्ली। ईरान के एक प्राइमरी स्कूल पर टॉमहॉक क्रूज मिसाइल से हुए हमले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इस मामले में जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस घटना के बारे में “पर्याप्त जानकारी नहीं है”। ट्रंप का यह बयान उस समय आया है जब हमले को लेकर अमेरिका और इजरायल पर आरोप लगाए जा रहे हैं।

दरअसल 28 फरवरी को दक्षिणी ईरान के मिनाब शहर में स्थित एक प्राइमरी स्कूल पर मिसाइल हमला हुआ था। इस हमले में 150 से ज्यादा लोगों की मौत होने की बात कही जा रही है, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे शामिल बताए गए हैं।

ईरान ने अमेरिका और इजरायल पर लगाया आरोप

ईरानी अधिकारियों ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि यह हमला जानबूझकर किया गया और इसमें स्कूल के बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हुए।

राज्य मीडिया द्वारा दिखाए गए अंतिम संस्कार के दृश्यों में बच्चों की तस्वीरों वाले ताबूत ईरानी झंडों से ढके हुए नजर आए। इन तस्वीरों ने पूरे देश में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है।

वीडियो और सैटेलाइट तस्वीरों से सामने आए संकेत

न्यूयॉर्क टाइम्स ने ईरान की सेमी-ऑफिशियल मेहर न्यूज एजेंसी द्वारा जारी वीडियो की जांच कर उसे सत्यापित किया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक टॉमहॉक क्रूज मिसाइल स्कूल के पास मौजूद एक संरचना पर गिरती दिखाई देती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि मिसाइल की पहचान उसके खास आकार वाले पंखों से की गई, जो टॉमहॉक मिसाइल की पहचान माने जाते हैं। बेलिंगकैट और एसोसिएटेड प्रेस के विश्लेषकों ने भी वीडियो और सैटेलाइट तस्वीरों का अध्ययन किया। उनके अनुसार मिसाइल स्कूल के बगल में स्थित इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के नौसैनिक ठिकाने पर गिरी, लेकिन हमले में स्कूल भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया।

बताया गया कि उसी दिन अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास नौसैनिक ठिकानों पर हमले की पुष्टि भी की थी।

सवाल पर ट्रंप का जवाब

एक पत्रकार के सवाल पर ट्रंप ने कहा, “टॉमहॉक अन्य देशों को भी बेची जाती हैं और उनका इस्तेमाल कई देश करते हैं। ईरान के पास भी कुछ टॉमहॉक मिसाइलें हैं। मुझे इस बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं है। मुझे लगता है कि यह मामला अभी जांच के अधीन है।”

इससे पहले ट्रंप यह भी कह चुके हैं कि उनका मानना है कि यह हमला ईरान की ओर से ही किया गया हो सकता है, हालांकि उन्होंने इसके समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया।

अमेरिका और इजरायल ने क्या कहा

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका कभी जानबूझकर किसी स्कूल को निशाना नहीं बनाएगा। उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका का लक्ष्य मिसाइलें और उन्हें लॉन्च करने की क्षमता को नष्ट करना होता है, न कि स्कूलों को।

वहीं इजरायली सेना के प्रवक्ता नदाव शोशानी ने कहा कि उन्हें स्कूल पर किसी हमले की जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल या अमेरिका ने वहां हमला नहीं किया, कम से कम उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है।

ईरान ने बताया युद्ध अपराध

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने इस घटना को युद्ध अपराध बताया है। उन्होंने अमेरिका और इजरायल पर सीधे स्कूल पर हमला करने का आरोप लगाया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वतंत्र जांच की मांग की।

ईरानी अधिकारियों के मुताबिक इस हमले में 150 से ज्यादा लोग मारे गए, जिनमें अधिकांश बच्चे थे। कुछ रिपोर्ट्स में मृतकों की संख्या 165 से 175 के बीच बताई गई है।

हमले का शिकार हुआ स्कूल शजराह तैय्यबह प्राइमरी स्कूल बताया जा रहा है, जहां लड़कियां पढ़ती थीं। यह हमला उस समय हुआ जब स्कूल में कक्षाएं चल रही थीं और बच्चे अपने कमरों में मौजूद थे।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.