दूसरी ‘शादी’ का सबूत देने के लिए महिला ने किया नवजात का अपहरण, 12 घंटे में बच्चा बरामद; प्रेमी संग गिरफ्तार
बाहरी दिल्ली के उत्तर रोहिणी थाना क्षेत्र में स्थित बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड से मंगलवार सुबह नवजात के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 घंटे के भीतर शिशु को सकुशल बरामद कर लिया और अपहरण के आरोप में महिला व उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया।
दोनों आरोपियों को नोएडा के पास दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सिरसपुर निवासी इंदू देवी (40) और उसके 20 वर्षीय प्रेमी अहिबरन सक्सेना के रूप में हुई है।
घरवालों को दिखाना था ‘शादी’ का सबूत, इसलिए रची साजिश
पुलिस के मुताबिक 40 वर्षीय इंदू देवी ने दावा किया कि उसने 20 वर्षीय युवक से शादी कर ली है। अपने घरवालों और रिश्तेदारों को इस कथित शादी का सबूत दिखाने के लिए उसे नवजात की जरूरत थी। इसी योजना के तहत उसने अस्पताल में पहले नवजात की मां से दोस्ती की और फिर मौका पाकर बच्चे का अपहरण कर लिया।
रोहिणी जिला के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजीव रंजन ने बताया कि नरेला निवासी जाकिर अली ने 12 फरवरी को प्रसव पीड़ा के बाद अपनी पत्नी शाहीन को अस्पताल में भर्ती कराया था। 14 फरवरी को शाहीन ने बेटे को जन्म दिया। जच्चा-बच्चा वार्ड में भर्ती के दौरान इंदू देवी ने शाहीन से दोस्ती की और खुद को उसकी बहन बताकर नर्सिंग स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों के बीच आना-जाना शुरू कर दिया।
सोते समय गोद में लेकर फरार हुई आरोपी
परिवार के अनुसार सोमवार को जाकिर अली ने इंदू को पत्नी के बेड पर बैठे देखा था। पूछने पर उसने पास के बेड पर अपनी बहन के भर्ती होने की बात कहकर बात टाल दी। मंगलवार तड़के चार बजे शाहीन ने बच्चे को दूध पिलाया। सुबह करीब पांच बजे तक इंदू वार्ड में मौजूद थी।
इंदू ने शाहीन से आराम करने को कहा और बच्चे को गोद में लेकर खिलाने लगी। शाहीन की आंख लग गई। सुबह आठ बजे जब पति वार्ड में पहुंचे तो शाहीन की नींद खुली और देखा कि बच्चा और महिला दोनों गायब थे। इसके बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया।
पति से अलग रह रही थी, प्रेमी के साथ बना ली थी नई जिंदगी
जांच में सामने आया कि इंदू देवी अपने पति मोती पासवान से अलग सिरसपुर में रह रही थी। उसका पति नोएडा में अलग रहता है। इसी दौरान उसकी नजदीकियां अहिबरन सक्सेना से बढ़ीं, जो उत्तर प्रदेश के उन्नाव का रहने वाला है। इंदू का दावा है कि दोनों ने शादी कर ली है।
प्रेमी के परिजनों को शादी का प्रमाण दिखाने के लिए दोनों ने अस्पताल से नवजात चोरी करने की साजिश रची। इंदू ने कई दिनों तक अस्पताल की रेकी की और फिर शाहीन के बच्चे को निशाना बनाकर वारदात को अंजाम दिया।
अस्पताल प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, तीन कर्मी बर्खास्त
इस गंभीर लापरवाही के बाद अस्पताल प्रशासन ने एक नर्सिंग ऑफिसर समेत दो महिला सुरक्षाकर्मियों को बर्खास्त कर दिया है। अस्पताल की एमडी डॉ. मीनाक्षी के अनुसार जांच में सामने आया कि पीड़िता ने महिला को अपनी बहन बताया था और उसी आधार पर उसे वार्ड में आने-जाने की अनुमति मिली। बाद में स्पष्ट हुआ कि वह उसकी बहन नहीं थी।
अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। अटेंडेंट के आधार कार्ड जमा कराने सहित कई नए निर्देश जारी किए गए हैं। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर मामले की विस्तृत जांच में जुटी है।