कई राज्यों में छाई दुर्ग के टमाटर की लाली, अच्छी कीमत मिलने से छत्तीसगढ़ के किसानों में खुशहाली

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छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की टमाटर की लाली छत्तीसगढ़ सहित देश की राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल,  ओडिशा आदि राज्यों में छा गई है। टमाटर की अच्छी कीमत मिलने से किसान भी गदगद हैं। प्रतिदिन दुर्ग जिले से पांच सौ से सात सौ टन तक टमाटर इन राज्यों को भेजे जा रहे हैं। दूसरे प्रदेशों के सब्जी विक्रेता सीधे खेतों से टमाटर लेकर जा रहे हैं। रायपुर, दिल्ली, मुंबई जैसे महानगरों में बैठे कमीशन एजेंट छत्तीसगढ़ के सेब टमाटर को जापान, इराक जैसे देशों में सप्लाई कर वहां के कंपनियों की डिमांड को भी पूरी करते हैं।

बता दें कि टमाटर उत्पादन के मामले में छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले का धमधा क्षेत्र काफी अग्रणी है। अन्य वर्षों की तुलना में इस बार यहां के टमाटर उत्पादक कृषकों को उनकी उपज की पांच गुना तक कीमत मिल रही है। टमाटर उत्पादक कृषकों की मानें तो प्रतिदिन धमधा क्षेत्र के किसानों के खेतों से सीधे अन्य राज्यों को 500 से 700 टन टमाटर ट्रक में भेजे जा रहे हैं। पहले हमारे प्रदेश में कर्नाटक एवं अन्य राज्यों से टमाटर मंगाए जाते थे, लेकिन इस बार यहां आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, ओडिशा आदि राज्यों से व्यापारी सीधे किसानों के खेतों से 55-56 रुपए प्रति किलो की दर सेब टमाटर खरीद कर ले जा रहे थे। पिछले 2 दिनों से कीमत में थोड़ी गिरावट आई है, इसके बावजूद अभी भी 35-40 रुपए प्रति किलो की दर से खेतों से व्यापारी टमाटर ले जा रहे हैं।

कृषक जालम सिंह पटेल बताते हैं कि अन्य वर्षों में अक्टूबर-नवंबर में टमाटर खेतों से 9-10 रुपए प्रति किलो की दर से बिकता था। वे 35 वर्षों से टमाटर का उत्पादन ले रहे हैं। ग्राम जाताधर्रा निवासी कृषक मोहन यादव ने बताया की पहली बार उन्हें टमाटर की इतनी अच्छी कीमत मिली है। हर तीन दिन में उनके खेतों से 200 करेट टमाटर निकल रहा है। 35 एकड़ क्षेत्र में टमाटर की फसल ले रहे शेर सिंह ठाकुर ने बताया कि वे 20 वर्षों से टमाटर की खेती से जुड़े हुए हैं। अपनी उम्र में नवंबर के महीने में पहली बार इतनी अधिक कीमत में टमाटर की बिक्री होते देख रहा हूं। उन्होंने बताया कि सप्ताह में उनके खेतों से 2500 करेट टमाटर निकल रहा है, जो बेंगलुरु, दिल्ली, ओडिशा, तमिलनाडु को भेजे जा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ सब्जी उत्पादन में बढ़ते पायदान पर है। दुर्ग जिला टमाटर के साथ शिमला मिर्च के उत्पादन में भी सबसे आगे है। यहां का टमाटर पाकिस्तान, बांग्लादेश तक भेजे जाते रहे हैं। छत्तीसगढ़ का शिमला मिर्च विदेश तक सप्लाई की जाती रही है। किसान से उपज खरीदार व्यापारी महानगरों में ले जाते हैं और फिर इसे पाकिस्तान, अफगानिस्तान, वर्मा, नेपाल व बांग्लादेश तक भेजते हैं। छत्तीसगढ़ का दुर्ग, रायपुर, जशपुर, महासमुंद, बेमेतरा आदि जिलों में बड़े पैमाने पर टमाटर की खेती किसान करते हैं। इन क्षेत्रों में कभी-कभी कीमत नहीं मिलने पर टमाटर को सड़क पर फेंकने की खबरें भी आती हैं।

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