झटपट डिलीट कर दें ये 15 ऐप्स, फिर से लौट आया है खतरनाक ‘जोकर’ वायरस

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Android डिवाइस को टारगेट करने वाला खतरनाक ‘जोकर’ वायरस (Joker Virus), जिसके आखिरी बार इस साल जुलाई में एक्टिव होने की जानकारी मिली थी, Google Play Store पर फिर से लौट आया है. इस मैलवेयर को एंड्रॉयड ऐप्स में छिपाने के लिए जाना जाता है और अब 15 ऐप्स में इसका पता चला है. कास्परस्की लैब्स के एंड्रॉयड मालवेयर एनालिस्ट तात्याना शिश्कोवा ने ट्विटर पर इस वायरस का पता लगाने का खुलासा किया है.

मोबाइल सिक्योरिटी और थ्रीट एनालिस्ट ने उन एंड्रॉयड ऐप्स के नाम शेयर किए हैं जो वर्तमान में Google Play Store में बेहद खतरनाक ‘जोकर’ वायरस को कैरी कर रहे हैं. एंड्रॉयड ऐप स्टोर में लगातार दोबारा आने वाला वायरस, जोकर वायरस यूजर का डेटा चुराता है. यह पेलोड-रिट्राईव और इसके कोड को बदलने जैसी टेक्नोलॉजी के जरिए Google Play Store में ऐप्स को संक्रमित करता है. मैलवेयर प्राइवेट जानकारी जैसे डिवाइस की डिटेल, एड्रेस बुक, टेक्स्ट मैसेज, ओटीपी इत्यादि निकाल सकता है.

जोकर मैलवेयर से संक्रमित ऐप्स की लिस्ट

इजी पीडीएफ स्कैनर (Easy PDF Scanner)
नाऊ क्यूआर कोड स्कैन (Now QRCode Scan)
सुपर-क्लिक वीपीएन (Super-Click VPN)
वॉल्यूम बूस्टर लाउडर साउंड इक्वलाइजर (Volume Booster Louder Sound Equalizer)
बैटरी चार्जिंग एनिमेशन बबल इफेक्ट्स (Battery Charging Animation Bubble Effects)
स्मार्ट टीवी रिमोट (Smart TV Remote)
वॉल्यूम बूस्टिंग हियरिंग एड (Volume Boosting Hearing Aid)
फ्लैशलाइट फ्लैश अलर्ट ऑन कॉल (Flashlight Flash Alert on Call)
हैलोवीन रंग (Halloween Coloring)
क्लासिक इमोजी कीबोर्ड (Classic Emoji Keyboard)
सुपर हीरो-इफेक्ट (Super Hero-Effect)
देजलिंग कीबोर्ड (Dazzling Keyboard)
इमोजीवन कीबोर्ड (EmojiOne Keyboard)
बैटरी चार्जिंग एनिमेशन वॉलपेपर (Battery Charging Animation Wallpaper)
ब्लेंडर फोटो एडिटर-इजी फोटो बैकग्राउंड एडिटर (Blender Photo Editor-Easy Photo Background Editor)

जोकर मैलवेयर Google Play Store पर लिस्टेड ऐप्स को संक्रमित करता है और यूजर द्वारा संक्रमित ऐप्स में से किसी एक को डाउनलोड करने के बाद, हर बार जब मैलवेयर पकड़ा जाता है, तो इसके डेवलपर्स Play Store की सिक्योरिटी गाइडलाइंस को दरकिनार करने के लिए इसके कोड में मामूली बदलाव करते हैं.

मैलवेयर यूजर्स की जानकारी एसएमएस, कॉन्टेक्ट लिस्ट और डिवाइस की जानकारी चुराता है. वायरस बैकग्राउंड में डिवाइस के साथ चुपचाप विज्ञापनों पर क्लिक करता है और इसके यूजर्स को प्रीमियम सर्विस की मेंबरशिप देता है.

मैलवेयर सीक्रेटली पेमेंट एक्सेप्ट करने के लिए एसएमएस से ओटीपी लेने में सक्षम है. इसके बाद, यह ओटीपी और बैंक एसएमएस को डिलीट कर देगा ताकि यूजर को इस वाकये के बारे में पता न चले. यूजर को इसके बारे में तभी पता चलेगा जब वह अपने बैंक स्टेटमेंट की जांच करेगा.

2017 में जोकर वायरस का पहली बार पता चला, इस दौरान Google लंबे समय तक एंड्रॉयड ऐप्स पर इसके असर को कम करने के लिए काम करता रहा. कंपनी ने 2019 में जोकर वायरस से अपनी लंबी लड़ाई के बारे में बात करते हुए एक ब्लॉग पोस्ट भी पब्लिश किया. अब भी हर कुछ महीनों में एक दर्जन या अधिक ऐप पर वायरस का पता चलता रहता है. Google ने इनमें से कुछ ऐप्स को हाल ही में Play Store से हटा दिया है.

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