प्रतिबंधों में ढील मिलते ही फिर ‘जहरीली’ हो गई दिल्‍ली की हवा, नोएडा का AQI 400 पार

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हवाओं के बदले रुख से दिल्‍ली-एनसीआर को प्रदूषण से थोड़ी राहत मिली थी जो अब खत्‍म हो गई है। गुरुवार को दिल्‍ली, नोएडा, गाजियाबाद समेत एनसीआर के ज्‍यादातर इलाकों की हवा ‘बेहद खराब’, ‘गंभीर’ कैटिगरी में पहुंच गई। वायु गुणवत्ता और मौसम पूर्वानुमान और अनुसंधान प्रणाली (SAFAR) के मुताबिक, दिल्ली में हवा की गुणवत्ता ‘खराब’ स्थिति में बनी हुई है। राजधानी में एयर क्‍वालिटी इंडेक्‍स (AQI) 339 है। पड़ोसी नोएडा में तो AQI 400 के पार चला गया है। गुरुवार को नोएडा का AQI 423 दर्ज किया गया। हालांकि गुरुग्राम की स्थिति में थोड़ा सुधार है। वहां का AQI 276 है जो ‘खराब’ कैटिगरी में आता है।

राजधानी में बुधवार को इस सीजन की सबसे ठंडी सुबह रही। न्यूनतम तापमान सिमटकर महज 9.2 डिग्री पर रह गया। अब 28 नवंबर के बाद ठंड तेजी से बढ़ेगी। स्काईमेट के अनुसार एक कमजोर वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से एक ट्रफ जम्मू कश्मीर की तरफ बढ़ रहा है। यह ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम को प्रभावित कर रहा है। इसकी वजह से उत्तरी राजस्थान और हरियाणा में एक हल्का चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बन गया है।

निचले स्तरों पर हवाएं दिल्ली के उपर हल्की और परिवर्तनशील हो गई हैं। यह पैटर्न अगले 48 घंटे तक रहने की संभावना है। हवा की दिशा में बदलाव के साथ नमी में मामूली इजाफा और विजिबिलिटी की स्थिति में गिरावट की काफी संभावना है। तापमान के स्तर में भी लगभग एक डिग्री की वृद्धि हो सकती है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस 27 नवंबर तक आगे बढ़ जाएगा। जिसके बाद 28 नवंबर से तापमान में एक बार फिर कमी आना शुरू हो जाएगी।

 

दो दिन की राहत के बाद बुधवार से नोएडा में प्रदूषण के ग्राफ में फिर से उछाल आया है। गुरुवार को दिन निकलने के साथ ही लोगों को हर तरफ स्मॉग नजर आया और फिर से पहले जैसी घुटन का अहसास हुआ। अचानक प्रदूषण का बढ़ना तनाव देने वाला है। बता दें कि पिछले दिनों 25 दिन तक शहर की आबोहवा इस कदर जहरीली बनी रही कि लोगों को सांसों के लिए भी संघर्ष करना पड़ा। 25 दिन के बाद सोमवार व मंगलवार को बड़ी राहत प्रदूषण में देखने को मिली। सोमवार को नोएडा का एयर क्वालिटी इंडेक्स 270 पर पहुंच गया था और ग्रेटर नोएडा का 202 पर पहुंच गया था। इसके बाद मंगलवार को भी नोएडा का एयर क्वालिटी इंडेक्स 252 पर था और ग्रेटर नोएडा का 255 पर था जिसके चलते उम्मीद की जा रही थी कि अब प्रदूषण से थोड़ी राहत हो गई है।

 

हवा की रफ्तार धीमी होते हुए जिले की हवा फिर से खराब होने लगी है। बुधवार को गाजियाबाद का एक्यूआई 366 रिकॉर्ड किया गया। मंगलवार को यह 268 और सोमवार को 254 था। पिछले पांच दिन से हवा की स्पीड 10 से 12 किमी प्रतिघंटे थी। जबकि मंगलवार रात से यह कम होकर 5 से 7 किमी प्रतिघंटे हो गई। जिसकी वजह से जिले में प्रदूषण स्तर फिर बढ़ गया है। अभी तक जहां दिन के समय धूप खिली रही थी। आसमान साफ हो रहा था। वहीं बुधवार को एक बार फिर धुंध जैसा माहौल बन गया है। लोगों ने आंखों में जलन होने की शिकायत कर रहे थे। जबकि कुछ लोगों के गले में दिक्कत होने लगी थी।

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