फूलों से सजा है बदरीनाथ धाम, आज गर्भगृह में विराजेंगी मां लक्ष्मी, शाम में बंद होंगे कपाट

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बदरीनाथ धाम के कपाट आज बंद हो जाएंगे. कपाट बंद होते ही आज चारधाम यात्रा का विधिवत समापन भी हो जाएगा. बदरीनाथ धाम के कपाट को वृष लग्न में शाम 6 बजकर 45 मिनट पर बंद किया जाएगा. कपाट बंद होने से पहले मंदिर को भव्य तरीके से सजाया गया है. इसके लिए करीब 20 क्विंटल फूल मंगवाए गए थे जिसमें गेंदा, गुलाब और कमल के फूल हैं. मंदिर के कपाट बंद होने से पहले आज रावल स्त्री वेश धारण करेंगे और माता लक्ष्मी को गर्भगृह में स्थापित करेंगे. जिसके बाद शीतकाल के लिए मंदिर के कपाट को बंद कर दिए जाएंगे. मंदिर को बदरीनाथ पुष्प सेवा समिति ऋषिकेश की ओर से इन फूलों से सजाया गया है.

बता दें कि आज सुबह ब्रह्ममुहूर्त में 4.30 बजे मंदिर के कपाट खोल दिए गए. सुबह 5 बजे के करीब अभिषेक किया गया. वहीं सुबह 8 बजे बाल भोग करवाया गया. मुहूर्त के मुताबिक दोपहर 11.30 बजे भोग लगाया जाएगा. जिसके बाद शाम 6.30 बजे उद्धवजी और कुबेरजी को गर्भगृह से मंदिर परिसर में लाया जाएगा. इनके आने के बाद मां लक्ष्मी को गर्भगृह में विराजमान किया जाएगा. शाम 6.45 बजे मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे.

पिछले दिन यानि 19 नवंबर को 2 हजार 768 तीर्थ यात्रियों ने बदरीनाथ धाम के दर्शन किये. इस बार चारधामों में पांच लाख रिकार्ड श्रद्धालु पहुंचे है. इनमें से श्री बदरीनाथ धाम 191106, श्री केदारनाथ 242712, श्री गंगोत्री 33166, श्री यमुनोत्री 33306 तीर्थयात्री दर्शन के लिए पहुंचे हैं. चार धाम पहुंचने वाले कुल तीर्थयात्रियों की संख्या 500290 है.

पौराणिक मान्यता और पारंपरिक रीति-रिवाज के मुताबिक बदरीनाथ कपाट खुलने से पहले मंदिर के सिंहद्वार के आगे सभा मंडप के मेन गेट पर विधिवत तौर पर भगवान गणेश और भगवान बदरी विशाल का आह्वान कर धर्माधिकारी और वेदपाठियों ने पूजा शुरू की.

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