गौतमबुद्धनगर: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव ने किया जिला कारागार का मासिक निरीक्षण, बंदियों की स्थिति और सुविधाओं की समीक्षा

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गौतमबुद्धनगर: उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गौतमबुद्धनगर के निर्देशों के अनुपालन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शिवानी रावत ने शनिवार को जिला कारागार गौतमबुद्धनगर का मासिक निरीक्षण किया। इस दौरान जेल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

कारागार में बंदियों की स्थिति की ली जानकारी
निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक ब्रजेश कुमार ने बताया कि वर्तमान में जिला कारागार में 2417 बंदी निरुद्ध हैं। सचिव ने पुरुष बैरकों का निरीक्षण करते हुए बंदियों से उनके मामलों की स्थिति के बारे में जानकारी ली। साथ ही बंदियों से संबंधित केस कार्डों की जांच की गई और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क विधिक सहायता एवं अधिवक्ताओं की सुविधा के बारे में भी जागरूक किया गया।

कानूनी सहायता व्यवस्था की हुई समीक्षा
बंदियों से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि सभी बंदियों को या तो निजी अधिवक्ता उपलब्ध हैं या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से कानूनी सहायता दी जा रही है। इस पर सचिव ने निर्देश दिए कि सभी अभिलेखों और केस कार्डों को नियमित रूप से अद्यतन रखा जाए ताकि किसी भी बंदी को कानूनी सहायता में कोई बाधा न आए।

चिकित्सालय और पाकशाला का भी किया निरीक्षण
निरीक्षण के अगले चरण में सचिव ने कारागार स्थित चिकित्सालय का दौरा किया। उन्होंने जनरल वार्ड में भर्ती बंदियों से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य, उपचार और मुकदमों की स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने पाकशाला का निरीक्षण किया, जहां बंदियों के लिए भोजन तैयार किया जा रहा था। सचिव ने भोजन की गुणवत्ता का अवलोकन किया और स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए।

स्वच्छता और व्यवस्था सुधार पर जोर
निरीक्षण के दौरान सचिव ने जेल प्रशासन को निर्देशित किया कि पाकशाला और अन्य परिसरों में स्वच्छता मानकों को और बेहतर बनाया जाए तथा बंदियों को गुणवत्तापूर्ण भोजन और सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

 

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