यूक्रेन के ड्रोन अभियान पर स्टारलिंक की पाबंदी का असर, रूसी हमलों के बीच जेलेंस्की की बढ़ी मुश्किलें

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कीव: रूस के साथ जारी युद्ध में यूक्रेन की सैन्य चुनौतियां बढ़ती दिखाई दे रही हैं। यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि अमेरिकी कंपनी स्पेसएक्स के स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट टर्मिनलों पर गति संबंधी पाबंदियां लगाए जाने के बाद कुछ यूक्रेनी ड्रोन की रफ्तार प्रभावित हुई है। इससे रूसी हवाई रक्षा प्रणालियों के लिए इन ड्रोनों को निशाना बनाना आसान हो सकता है। इसी बीच, राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने दावा किया कि रूस के बैलिस्टिक मिसाइल हमले से पहले यूक्रेन को पश्चिमी सहयोगियों की ओर से सामान्य रूप से मिलने वाली अग्रिम चेतावनी नहीं मिली। इन घटनाओं ने सैन्य सहायता और खुफिया सहयोग को लेकर कीव की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

स्टारलिंक की गति संबंधी पाबंदियों से ड्रोन अभियान प्रभावित

जेलेंस्की के सलाहकार सर्गेई बेसक्रेस्तनोव ने सोशल मीडिया पर बताया कि स्पेसएक्स ने ड्रोन अभियानों में इस्तेमाल किए जा रहे यूक्रेन के कुछ स्टारलिंक टर्मिनलों की गति सीमित कर दी है। उनके मुताबिक, इस बदलाव से सैन्य अभियानों पर असर पड़ रहा है और धीमी गति से उड़ने वाले हमलावर ड्रोन रूसी हवाई रक्षा प्रणालियों की पकड़ में आसानी से आ सकते हैं।

यूक्रेनी सेना लंबी दूरी के ड्रोन हमलों, हवाई रक्षा में इस्तेमाल होने वाले इंटरसेप्टर सिस्टम और अग्रिम मोर्चों तक जरूरी सामान पहुंचाने के लिए स्टारलिंक नेटवर्क पर निर्भर है। बेसक्रेस्तनोव ने इस कदम के पीछे मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों की भूमिका होने की आशंका भी जताई, लेकिन इसके समर्थन में विस्तृत जानकारी नहीं दी। इस मामले पर स्पेसएक्स और व्हाइट हाउस की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

रूसी मिसाइल हमले से पहले चेतावनी नहीं मिलने का दावा

यूक्रेन के वायुसेना प्रवक्ता यूरी इग्नात के अनुसार, मंगलवार रात रूस की ओर से किए गए शुरुआती बैलिस्टिक मिसाइल हमले से पहले यूक्रेन को कोई चेतावनी नहीं मिली थी। हालांकि, बाद में मिसाइलों की तीन अन्य लहरों को लेकर कीव को सतर्क किया गया।

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने यह स्पष्ट नहीं किया कि अग्रिम चेतावनी नहीं मिलने की बात करते समय वह किन पश्चिमी सहयोगियों का जिक्र कर रहे थे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले कह चुके हैं कि अमेरिका ने यूक्रेन के साथ खुफिया जानकारी साझा करना बंद नहीं किया है। यूक्रेनी संसद की रक्षा समिति के एक सदस्य ने भी एसोसिएटेड प्रेस से कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ खुफिया जानकारी साझा करने की प्रक्रिया पूरी तरह बंद नहीं हुई है।

कीव पर रूसी हमले में पांच लोगों की मौत, 36 घायल

कीव पुलिस के मुताबिक, मंगलवार शाम से बुधवार सुबह तक चले रूसी हमलों में पांच लोगों की मौत हो गई और 36 अन्य घायल हुए। जेलेंस्की ने बताया कि रूस ने कीव, आसपास के इलाकों और खारकीव में ऊर्जा प्रतिष्ठानों सहित दूसरे बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया। उनके अनुसार, हमले के दौरान 39 बैलिस्टिक मिसाइलें और 120 से अधिक ड्रोन दागे गए।

यूक्रेन के प्रधानमंत्री के मुताबिक, राजधानी की तीनों संयुक्त ताप एवं बिजली उत्पादन इकाइयों पर रातभर हमले हुए। जेलेंस्की ने दावा किया कि इन हमलों के कारण कम से कम छह लाख लोगों को बिजली की आपूर्ति से वंचित होना पड़ा।

यूक्रेनी राष्ट्रपति ने रूस पर ऊर्जा ढांचे को लगातार निशाना बनाकर तनाव कम करने की कोशिशों को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से रूसी हमलों के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया देने की अपील भी की।

ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने को लेकर रूस-यूक्रेन के अलग-अलग दावे

जेलेंस्की के मुताबिक, रूस ने लगातार तीसरी रात यूक्रेन के बिजली ग्रिड और तेल-गैस से जुड़े ठिकानों पर हमले किए। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि रूस और यूक्रेन ऊर्जा ढांचे पर हमले रोकने को लेकर सहमत हुए हैं।

यूक्रेन ने रूस की तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाने का अपना करीब एक महीने पुराना अभियान रोकने पर सहमति जताई है। वहीं, रूस के उप प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक ने बुधवार को आरोप लगाया कि यूक्रेन ने फिर कई रिफाइनरियों पर हमले किए। यूक्रेन ने इस आरोप को गलत बताया।

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने से संबंधित समझौते के विवरण पर अभी काम चल रहा है। दूसरी ओर, रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी सेना ने रातभर कीव, कीव क्षेत्र और खारकीव क्षेत्र में ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया और कुल छह बिजली संयंत्रों पर हमला किया।

जेलेंस्की ने ब्रिटेन से मांगी अतिरिक्त सैन्य मदद

राष्ट्रपति जेलेंस्की बुधवार को ब्रिटेन पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम से मुलाकात की। इस दौरान ब्रिटेन ने यूक्रेन के लिए ब्रिटिश निर्मित हवाई रक्षा प्रणालियों की आपूर्ति तेज करने की घोषणा की। डाउनिंग स्ट्रीट में बैठक से पहले बर्नहम ने कहा कि यूक्रेन को ब्रिटेन का समर्थन जारी रहेगा।

जेलेंस्की ने बकिंघम पैलेस में किंग चार्ल्स तृतीय से भी मुलाकात की। यूरोपीय देशों को आशंका है कि रूस की महत्वाकांक्षाएं यूक्रेन तक सीमित नहीं हो सकतीं। इसी वजह से वे अमेरिका को भी यूक्रेन के समर्थन में बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।

स्टारलिंक और खुफिया सहयोग पर टिकी यूक्रेन की नजर

ड्रोन अभियानों में स्टारलिंक की भूमिका और रूसी मिसाइल हमलों से पहले चेतावनी को लेकर सामने आए दावों ने यूक्रेन की सैन्य स्थिति पर नई चिंताएं पैदा की हैं। एक तरफ ऊर्जा ढांचे पर हमले जारी रहने की खबरें हैं, तो दूसरी तरफ कीव पश्चिमी देशों से अतिरिक्त रक्षा सहायता की उम्मीद कर रहा है। आने वाले दिनों में स्टारलिंक की पाबंदियों, खुफिया सहयोग और ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने से जुड़े घटनाक्रम यूक्रेन की रणनीति के लिहाज से अहम रहेंगे।

 

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