नई दिल्ली। अमेरिका में शनिवार, 24 जनवरी को आए भीषण बर्फीले तूफान ने जनजीवन को पूरी तरह ठप कर दिया है। भारी बर्फबारी, ओलों और जमा देने वाली बारिश के कारण सड़क, रेल और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हालात ऐसे हैं कि देश की करीब 40 फीसदी आबादी इस तूफान के असर में आ चुकी है। कई राज्यों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है, जबकि 13 हजार से ज्यादा फ्लाइट्स रद करनी पड़ी हैं।
दक्षिणी रॉकी पर्वत से न्यू इंग्लैंड तक कहर
अमेरिकी मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार से सोमवार तक दक्षिणी रॉकी पर्वत से लेकर न्यू इंग्लैंड तक व्यापक और भारी बर्फबारी का अनुमान है। कई इलाकों में ओले गिरने और फ्रीजिंग रेन की चेतावनी भी जारी की गई है। मौसम विभाग ने साफ कहा है कि लोगों को कई दिनों तक कड़ाके की ठंड और बेहद कठिन हालात के लिए तैयार रहना होगा।
बर्फ इतनी ज्यादा कि राहत कार्य भी मुश्किल
नेशनल वेदर सर्विस की मौसम विज्ञानी एलिसन सैंटोरली ने कहा कि बर्फ की मात्रा बेहद अधिक है और यह जल्दी पिघलने वाली नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि इतनी ज्यादा बर्फ किसी भी तरह की रिकवरी और राहत कार्यों में बड़ी बाधा बनेगी। कई इलाकों में सड़कें पूरी तरह दब चुकी हैं, जिससे आपात सेवाओं तक पहुंच भी चुनौती बन गई है।
कई राज्यों में इमरजेंसी, राष्ट्रपति ने दी मंजूरी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार तक कम से कम एक दर्जन राज्यों में इमरजेंसी घोषणाओं को मंजूरी दे दी है। प्रशासन का कहना है कि हालात को देखते हुए और राज्यों में भी आपात स्थिति घोषित की जा सकती है। होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने बताया कि फेडरल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी ने पहले से ही कई राज्यों में जरूरी सामान, अतिरिक्त स्टाफ और सर्च एंड रेस्क्यू टीमें तैनात कर दी हैं।
बिजली आपूर्ति ठप, लाखों लोग अंधेरे में
मौसम विभाग का कहना है कि इस बर्फीले तूफान से होने वाला नुकसान कई इलाकों में किसी हरिकेन जितना गंभीर हो सकता है। शनिवार को अमेरिका में करीब 1 लाख 20 हजार बिजली कटौती दर्ज की गईं। अकेले टेक्सास और लुइसियाना में लगभग 50-50 हजार उपभोक्ता बिना बिजली के रहे, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं।
हवाई यातायात सबसे ज्यादा प्रभावित
भीषण मौसम के चलते अमेरिका में हवाई सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। देशभर में 13 हजार से ज्यादा फ्लाइट्स रद कर दी गई हैं, जबकि सैकड़ों उड़ानों में देरी हुई है। एयरपोर्ट्स पर फंसे यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है और कई जगहों पर यात्रा पूरी तरह रोक दी गई है।