नेपाल में बालेंद्र शाह की पार्टी का जलवा, पीएम बनने की ओर बढ़े कदम; भारत के साथ रिश्तों को लेकर उठे सवाल

0 35

काठमांडू। नेपाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। जेन-जी आंदोलन के दौरान लोकप्रियता हासिल करने वाले रैपर से राजनेता बने Balen Shah अब इतिहास रचने की दहलीज पर हैं। राष्ट्रीय चुनावों की मतगणना में उनकी पार्टी Rastriya Swatantra Party को जबरदस्त बढ़त मिलती दिख रही है। शुरुआती रुझानों में उनकी पार्टी सबसे बड़ी बनकर उभरती नजर आ रही है, जिससे 35 वर्षीय बालेंद्र शाह के नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री बनने की संभावना तेज हो गई है।

मतगणना के दौरान शाम करीब 3 बजकर 50 मिनट तक राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी करीब 100 सीटों पर आगे चल रही थी। वहीं Nepali Congress लगभग 12 सीटों पर बढ़त बनाए हुए थी, जबकि Communist Party of Nepal (Unified Marxist–Leninist) महज 9 सीटों पर आगे दिखाई दी। इन रुझानों ने नेपाल की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा तेज कर दी है।

कौन हैं बालेंद्र शाह?

नेपाल की युवा आबादी के बीच बालेंद्र शाह एक बेहद चर्चित चेहरा हैं। काठमांडू में जन्मे बालेंद्र शाह ने सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और बाद में भारत के कर्नाटक स्थित Visvesvaraya Technological University से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की।

इंजीनियरिंग के बाद उन्होंने संगीत की दुनिया में कदम रखा और रैपर के तौर पर पहचान बनाई। उनके कई गाने नेपाल की राजनीतिक व्यवस्था और सत्ता तंत्र पर तीखे तंज के लिए चर्चा में रहे। इसी लोकप्रियता ने उन्हें युवाओं के बीच एक अलग पहचान दिलाई।

मेयर चुनाव से शुरू हुआ राजनीतिक सफर

साल 2022 में बालेंद्र शाह ने राजनीति में एंट्री की और निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ते हुए काठमांडू के मेयर पद पर शानदार जीत दर्ज की। उन्होंने करीब 61,767 वोटों के अंतर से जीत हासिल कर देश की पारंपरिक राजनीतिक पार्टियों को कड़ी चुनौती दी।

बाद में जेन-जी आंदोलन के दौरान जब पूर्व प्रधानमंत्री K. P. Sharma Oli के इस्तीफे के बाद राजनीतिक माहौल बदला, तब बालेंद्र शाह ने राष्ट्रीय स्तर की राजनीति में कदम रखा। उस समय उन्होंने सोशल मीडिया पर युवाओं से देश का नेतृत्व संभालने की अपील भी की थी।

भारत को लेकर विवादित बयान भी रहे चर्चा में

बालेंद्र शाह का नाम कई बार भारत से जुड़े विवादों के कारण भी चर्चा में रहा है। मेयर रहते हुए उन्होंने फिल्म Adipurush की स्क्रीनिंग पर काठमांडू में रोक लगा दी थी। उनका कहना था कि फिल्म में माता सीता को भारत की बेटी बताया गया है, जबकि नेपाल में उन्हें नेपाल की बेटी माना जाता है।

इसके अलावा वे पहले भी कुछ ऐसे बयान दे चुके हैं जिन्हें भारत विरोधी माना गया। एक बार उन्होंने नेपाल की सरकार को भारत का “दास” तक कह दिया था। वर्ष 2025 में उन्होंने सोशल मीडिया पर भारत, अमेरिका और चीन को लेकर एक विवादित टिप्पणी भी की थी, जिसे बाद में हटा दिया गया था, लेकिन उस पोस्ट ने ऑनलाइन काफी बहस छेड़ दी थी।

भारत के साथ रिश्तों को लेकर क्या है पार्टी का रुख

बालेंद्र शाह के संभावित प्रधानमंत्री बनने की चर्चा के बीच नई दिल्ली भी नेपाल के राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है। हालांकि उनकी पार्टी की ओर से विदेश नीति को लेकर संतुलित रुख का संकेत दिया गया है।

राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के प्रवक्ता और चुनाव उम्मीदवार Manish Jha ने एक इंटरव्यू में कहा कि नेपाल को जियोपॉलिटिक्स और जियोइकोनॉमिक्स के लिहाज से बेहद संवेदनशील क्षेत्र में संतुलन बनाकर चलना होगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी की विदेश नीति न्यूट्रल और संतुलित होगी। पार्टी किसी एक देश के पक्ष में झुकाव रखने के बजाय सभी देशों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखने की कोशिश करेगी। उनका कहना है कि पार्टी का मुख्य लक्ष्य राजनीतिक टकराव नहीं बल्कि बेहतर शासन देना है।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.