राष्ट्रीय लोक अदालत में रिकॉर्ड निस्तारण: एक ही दिन में 9,26,280 मामलों का हुआ समाधान, करोड़ों रुपये की हुई समझौता राशि
गौतमबुद्धनगर जनपद में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत ने मामलों के निस्तारण के मामले में बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। 14 मार्च 2026 को आयोजित इस लोक अदालत में कुल 9,26,280 मामलों का निस्तारण किया गया। विभिन्न न्यायालयों और विभागों के समन्वित प्रयास से करोड़ों नहीं बल्कि अरबों रुपये की समझौता राशि भी तय हुई। जिला जज अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि यह अभियान न्यायिक व्यवस्था को तेज, सरल और सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन
जनपद न्यायालय के सभागार में राष्ट्रीय लोक अदालत का विधिवत उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर उच्च न्यायालय के प्रशासनिक न्यायमूर्ति अजीत कुमार के मार्गदर्शन तथा जनपद न्यायाधीश अतुल श्रीवास्तव की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित हुआ। उद्घाटन समारोह में सभी न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पूर्णकालिक सचिव शिवानी त्यागी ने लोक अदालत में निस्तारित मामलों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।
मुख्यालय से तहसील स्तर तक चला निस्तारण अभियान
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में यह राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की गई। जनपद न्यायाधीश के दिशा-निर्देशन में मुख्यालय से लेकर तहसील स्तर तक विभिन्न न्यायालयों में मामलों के समाधान की प्रक्रिया चलाई गई।
जनपद न्यायालयों में कार्यरत न्यायिक अधिकारियों ने कुल 2,27,807 मामलों का निस्तारण किया। वहीं प्री-लिटिगेशन स्तर पर राजस्व न्यायालयों में 1,02,745 मामलों का समाधान किया गया।
विभिन्न विभागों ने भी निपटाए हजारों मामले
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान कई विभागों ने भी बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण किया। बैंकों के 280 मामलों में 3 करोड़ 46 लाख 30 हजार रुपये की वसूली हुई। एनपीसीएल के 107 मामलों में 82 लाख रुपये की समझौता राशि तय हुई। यूपीपीसीएल के 5,678 मामलों का निस्तारण हुआ। श्रम न्यायालय ने 1,013 मामलों में 70 करोड़ 63 लाख 9 हजार 557 रुपये की धनराशि तय की।
पुलिस विभाग ने 18,478 मामलों का समाधान किया। बीएसएनएल के 21 मामले निपटाए गए। चिकित्सा विभाग ने 72,733 मामलों का निस्तारण किया, जबकि यातायात विभाग में सबसे अधिक 4,61,213 मामलों का समाधान हुआ। इस प्रकार प्री-लिटिगेशन स्तर पर कुल 6,98,473 मामलों का निस्तारण किया गया।
जनपद न्यायालयों में भी बड़ी संख्या में मामलों का समाधान
जनपद न्यायालय के विभिन्न न्यायालयों में भी बड़ी संख्या में मामलों का समाधान किया गया। परिवार न्यायालय में 70 मामले, मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण में 35 मामले और विद्युत अधिनियम से जुड़े 900 मामलों का निस्तारण हुआ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में 337 मामलों का समाधान किया गया।

अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालयों में हजारों मामलों का निपटारा हुआ, जिनमें प्रथम न्यायालय में 11,536, तृतीय न्यायालय में 2,359 और द्वितीय न्यायालय में 5,537 मामलों का समाधान किया गया। इसके अलावा सिविल जज और अन्य न्यायालयों में भी बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण कर जुर्माना और समझौता राशि वसूल की गई।
वर्चुअल कोर्ट और प्राधिकरणों ने भी निभाई अहम भूमिका
वर्चुअल कोर्ट के माध्यम से 1,71,000 चालानों का निस्तारण करते हुए 3,12,650 रुपये का जुर्माना वसूला गया। नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने 5,500 मामलों का समाधान किया, जबकि यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने 305 मामलों का निस्तारण किया।
राजस्व विभाग के अंतर्गत जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी और तहसीलदार स्तर पर कुल 1,02,745 मामलों का समाधान किया गया।
समझौते से तय हुई 852 करोड़ से अधिक की राशि
राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 9,26,280 मामलों का निस्तारण हुआ। इन मामलों में समझौते के माध्यम से कुल 8,529,999,900 रुपये की धनराशि तय की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुसार इस प्रकार की लोक अदालतें न्याय को आम लोगों के लिए तेज, सस्ता और सुलभ बनाने का प्रभावी माध्यम बन रही हैं।