तेहरान, तेल अवीव: ईरान ने बहरीन में बुधवार को अमेजन वेब सर्विस के एक डाटा सेंटर पर हमला किया, जिससे उस इमारत में आग लग गई। बहरीन के गृह मंत्रालय ने बताया कि फायर ब्रिगेड ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब एक दिन पहले ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने मिडल ईस्ट में काम कर रही 18 अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाने की धमकी दी थी। धमकी में माइक्रोसॉफ्ट, एपल, गूगल और मेटा जैसी बड़ी टेक कंपनियों का नाम भी शामिल था।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- ईरान के साथ डील जरूरी नहीं
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बीच बयान दिया कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए किसी समझौते की जरूरत नहीं है। उनके अनुसार अमेरिका यह युद्ध दो से तीन हफ्तों में समाप्त कर सकता है। ट्रंप ने कहा कि जब ईरान इतने कमजोर हो जाएगा कि कई सालों तक परमाणु हथियार नहीं बना सके, तब अमेरिका वहां से निकल जाएगा। उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट के बारे में भी कहा कि इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी अब अमेरिका नहीं लेगा और इस रास्ते से तेल ले जाने वाले देशों को अपनी सुरक्षा खुद सुनिश्चित करनी होगी।
वैश्विक बाजारों में असर
ट्रंप के बयान के बाद वैश्विक बाजार में तेजी आई और कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज हुई। ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 13 प्रतिशत गिरकर 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गई। निवेशकों ने युद्ध जल्द खत्म होने की संभावना से राहत की सांस ली और वैश्विक शेयर बाजारों में तेजी देखी गई।
नाटो और ब्रिटेन की प्रतिक्रिया
ट्रंप ने नाटो से बाहर निकलने पर भी विचार व्यक्त किया और कहा कि नाटो एक कागजी शेर है। उन्होंने बताया कि अमेरिका हमेशा अपने साथियों के लिए खड़ा रहा, लेकिन इस बार कोई भी अमेरिका के साथ नहीं आया। इस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका को अब नाटो से बाहर करना ही होगा। उधर, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने साफ कहा कि उनका देश ईरान जंग में शामिल नहीं होगा। इसके बजाय ब्रिटेन होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए ग्लोबल सम्मिट की मेजबानी करेगा। स्टार्मर ने कहा कि इस हफ्ते लगभग 35 देशों के प्रतिनिधि मीटिंग में हिस्सा लेंगे और होर्मुज खोलने पर चर्चा करेंगे। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ईरान जंग से ब्रिटेन का भविष्य प्रभावित हो सकता है, लेकिन सभी निर्णय देश के नागरिकों के हित में लिए जाएंगे।