ईरान ने ट्रंप को कड़ा जवाब दिया, इजरायल और खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला

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वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका-ईरान और इजरायल के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में ईरान ने बृहस्पतिवार को इजरायल और खाड़ी के अरब देशों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। यह हमला अमेरिका और ट्रंप द्वारा लगाए गए दावों के उलट ईरानी रुख का सबूत माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दावा किया था कि ईरान का खतरा लगभग समाप्त हो गया है और युद्ध जल्द ही खत्म हो जाएगा, लेकिन ईरान ने इस दावे को नकारते हुए स्पष्ट संदेश भेजा कि वह हमले जारी रखने के लिए तैयार है।

होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की रणनीति कामयाब

ईरान ने होर्मुज जलडमरुमध्य को युद्ध के दौरान ब्लॉक कर रखा है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित हो रही है। अमेरिकी नेतृत्व इस रणनीति को रोकने में असमर्थ दिख रहा है। अब चीन और ब्रिटेन इस मसले में अहम भूमिका निभाने के लिए आगे आए हैं। ब्रिटेन 30 से अधिक देशों के साथ इस पर चर्चा करेगा, जबकि चीन ने कहा है कि वह सभी पक्षों के साथ संवाद और तालमेल बनाए हुए है।

ईरान के मेडिकल और स्वास्थ्य ढांचे को भी नुकसान

जंग के दौरान ईरान के स्वास्थ्य ढांचे पर भी गंभीर प्रभाव पड़ा है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक हमलों में पाश्चर इंस्टीट्यूट, तोवाफोग-ए दारू फार्मास्यूटिकल रिसर्च एंड प्रोडक्शन इंस्टीट्यूट, गांधी अस्पताल और करमानशाह का फाराबी अस्पताल सहित कम से कम 316 मेडिकल सुविधाएं प्रभावित हुई हैं। ईरानी रेड क्रिसेंट ने बताया कि इनमें से कई अस्पताल या तो पूरी तरह नष्ट हो गए हैं या गंभीर क्षतिग्रस्त हैं।

ट्रंप के दावे और ईरान का जवाब

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई इतनी निर्णायक रही है कि ईरान अब कोई खतरा नहीं है। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने ईरान की लीडरशिप, नेवी और एयरफोर्स को नष्ट कर दिया, परमाणु और मिसाइल क्षमताओं को खत्म कर दिया और ईरान में नया शासन स्थापित किया जो अमेरिका से युद्धविराम चाहता है।

लेकिन ईरानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जुल्फिकारी ने कहा कि ट्रंप के दावे भ्रामक हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि तेहरान के पास अभी भी कई छिपी हुई सैन्य उत्पादन सुविधाएं और हथियार मौजूद हैं। उन्होंने कहा, “जिन केंद्रों को आप निशाना बनाने का दावा कर रहे हैं, उनका कोई खास महत्व नहीं है। हमारा रणनीतिक सैन्य उत्पादन उन जगहों पर होता है जिनके बारे में आपको कोई जानकारी नहीं है और आप कभी भी वहां पहुंच नहीं सकते।”

 

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