Train Fire Alert: ट्रेनों में आग की घटनाओं के पीछे साजिश का शक, रेलवे अलर्ट मोड पर, RPF हाई अलर्ट पर तैनात
नई दिल्ली: देशभर में हाल के दिनों में ट्रेनों में आग लगने और धुआं उठने की लगातार घटनाओं ने रेलवे प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। शुरुआती जांच में रेलवे को ऐसे संकेत मिले हैं कि ये घटनाएं सामान्य हादसे नहीं बल्कि सुनियोजित शरारती गतिविधियों का हिस्सा हो सकती हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रेलवे ने रेलवे सुरक्षा बल (RPF) समेत सभी संबंधित एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर निगरानी भी बढ़ा दी गई है।
हावड़ा स्टेशन पर मिथिला एक्सप्रेस में लगी आग
ताजा मामला हावड़ा स्टेशन पर खड़ी मिथिला एक्सप्रेस से जुड़ा है, जहां ट्रेन के एक कोच में अचानक आग लग गई। घटना के बाद जब जांच की गई तो कोच के अंदर से पेट्रोल में भीगा अधजला कपड़ा बरामद हुआ।
इस बरामदगी के बाद रेलवे अधिकारियों का शक और गहरा गया है कि आग की घटना के पीछे किसी असामाजिक तत्व की साजिश हो सकती है।
इंदौर-जोधपुर एक्सप्रेस में उठ गया था धुआं
कुछ दिन पहले इंदौर-जोधपुर एक्सप्रेस के बी1 कोच में भी धुआं उठने की घटना सामने आई थी। रेलवे के मुताबिक, किसी अज्ञात व्यक्ति ने इस्तेमाल किए गए लिनेन और बेडरोल पर जलती हुई सिगरेट या कोई ज्वलनशील वस्तु फेंक दी थी।
हालांकि रेलवे कर्मचारियों ने समय रहते स्थिति पर काबू पा लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
सासाराम स्टेशन पर जल गई ट्रेन की बोगी
बिहार के सासाराम रेलवे स्टेशन पर भी सोमवार सुबह एक पैसेंजर ट्रेन में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई थी।
सासाराम से आरा होते हुए पटना जाने वाली ट्रेन की एक बोगी आग की चपेट में आ गई और पूरी तरह जलकर खाक हो गई। बाद में प्रभावित बोगी को ट्रेन से अलग किया गया। घटना के दौरान प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी।
रेलवे फिलहाल इस मामले की भी जांच कर रहा है।
रेलवे को क्या है आशंका?
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि कुछ असामाजिक तत्व जानबूझकर रेलवे व्यवस्था को प्रभावित करने और यात्रियों के बीच भय का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा एजेंसियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा है।
RPF को दिए गए सख्त निर्देश
रेलवे ने RPF को ट्रेनों, प्लेटफॉर्म और कोचों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखने को कहा गया है।
रेल प्रशासन का कहना है कि इन घटनाओं के पीछे शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।