उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस बार प्रक्रिया को पहले से ज्यादा पारदर्शी और सख्त बनाया गया है। नागरिक 7 मई से 21 मई तक ऑनलाइन स्वगणना के जरिए अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे, जबकि 22 मई से प्रगणक घर-घर जाकर डेटा एकत्र करेंगे। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि गलत जानकारी देने या सहयोग न करने पर कड़ी कार्रवाई होगी।
स्वगणना के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया
जनगणना में पहली बार नागरिकों को घर बैठे अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करने की सुविधा दी जा रही है। जिन लोगों ने स्वगणना की है, उन्हें प्रगणक को प्राप्त नंबर देना अनिवार्य होगा। इससे प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी और डेटा की सटीकता सुनिश्चित होगी।
घर-घर सर्वे 22 मई से
स्वगणना समाप्त होने के बाद प्रगणक घर-घर जाकर सभी परिवारों की जानकारी एकत्र करेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सही जानकारी देना सभी नागरिकों के लिए अनिवार्य होगा। कोई भी उम्र, आय, पेशा या परिवार के सदस्यों के विवरण में गड़बड़ी करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गलत जानकारी पर सजा और जुर्माना
जनगणना के नोडल अधिकारी और एडीएम (वित्त एवं राजस्व) विनीत सिंह ने बताया कि सेंसस एक्ट 1948 के तहत गलत जानकारी देने, प्रगणक के काम में बाधा डालने या सवालों का जवाब न देने पर एक हजार रुपये तक का जुर्माना या तीन साल तक की सजा, या दोनों हो सकते हैं। सरकारी कर्मचारियों के लिए भी ड्यूटी में लापरवाही सजा का कारण बन सकती है।
जनगणना कार्य में 12 हजार कर्मचारी तैनात
जिले में लगभग 12 हजार कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाया गया है, जिनमें 90 प्रतिशत शिक्षक शामिल हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे पूरी ईमानदारी से डेटा उपलब्ध कराएं, क्योंकि जनगणना के आंकड़े विकास योजनाओं, बजट और संसाधनों के सही वितरण के लिए आधार बनते हैं।
जागरूकता अभियान जल्द होगा शुरू
जिला प्रशासन जल्द ही जनगणना के महत्व को लेकर जागरूकता अभियान चलाएगा। इसका मकसद है कि हर नागरिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाए और सही-सही जानकारी दर्ज कराए।