शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग पर भारत ने साधी चुप्पी, जयशंकर से मुलाकात में बांग्लादेश ने दोहराई बात
भारत और बांग्लादेश के संबंधों में बीते साल आए तनाव के बाद अब रिश्तों को पटरी पर लाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान अपने पहले आधिकारिक दौरे पर भारत पहुंचे, जहां उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की।
बैठक के दौरान बांग्लादेश की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल के प्रत्यर्पण की मांग एक बार फिर उठाई गई। हालांकि, भारत की ओर से इस अनुरोध पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई और इस मुद्दे पर आधिकारिक बयान में भी कोई उल्लेख नहीं किया गया।
विदेश नीति में ‘बांग्लादेश प्रथम’ का जिक्र
ढाका की ओर से जारी बयान के अनुसार, विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने कहा कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान के नेतृत्व में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी सरकार ‘बांग्लादेश प्रथम’ की नीति पर काम करेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी विदेश नीति पारस्परिक विश्वास, सम्मान और आपसी लाभ के सिद्धांतों पर आधारित होगी।
बांग्लादेशी पक्ष ने छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के आरोपियों को पकड़ने में भारत के सहयोग के लिए आभार भी जताया।
भारत के बयान में संवेदनशील मुद्दों का जिक्र नहीं
बांग्लादेश के बयान में यह कहा गया कि दोनों देशों ने प्रत्यर्पण संधि के तहत प्रक्रिया का पालन करने पर सहमति जताई है। हालांकि भारत के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान में न तो शेख हसीना के मुद्दे का जिक्र किया गया और न ही हादी प्रकरण का।
भारत में रह रही हैं शेख हसीना
गौरतलब है कि अगस्त 2024 में बांग्लादेश में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद छोड़ना पड़ा था और वह भारत आ गई थीं। तब से वह नई दिल्ली में रह रही हैं। बांग्लादेश में उन्हें और पूर्व गृह मंत्री को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण द्वारा मृत्युदंड दिया जा चुका है। इससे पहले भी बांग्लादेश की पूर्ववर्ती सरकार भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग कर चुकी है, जिसे भारत ने अस्वीकार कर दिया था।
रिश्तों पर असर न पड़ने देने पर बनी सहमति
हालांकि, दोनों देशों के बीच इस बात पर सहमति बनी है कि शेख हसीना का मुद्दा द्विपक्षीय संबंधों में बाधा नहीं बनेगा। दोनों पक्षों ने बैठक में यह संकेत दिया कि वे पिछले तनावों को पीछे छोड़कर सहयोग के नए रास्ते तलाशने के इच्छुक हैं।
उच्चस्तरीय बैठकों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा
तीन दिवसीय भारत दौरे के दौरान खलीलुर रहमान ने विदेश मंत्री के अलावा पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल से भी मुलाकात की। बांग्लादेश में हाल ही में हुए संसदीय चुनावों के बाद नई सरकार के किसी वरिष्ठ नेता की यह पहली उच्चस्तरीय भारत यात्रा है।
भारत ने संबंध मजबूत करने की जताई इच्छा
बैठक के बाद एस. जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया। विदेश मंत्रालय ने भी बयान जारी कर नई सरकार के साथ रचनात्मक संवाद जारी रखने और संबंधों को और सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत ने बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल को यह भी आश्वासन दिया है कि आने वाले समय में बांग्लादेशी नागरिकों के लिए वीजा प्रक्रिया, खासकर चिकित्सा और व्यापारिक वीजा, को और सरल बनाया जाएगा।