पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव अभी पूरी तरह समाप्त भी नहीं हुए हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने अगले बड़े चुनावी मुकाबलों की तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी के भीतर अक्सर कही जाने वाली यह बात कि “भाजपा कभी सोती नहीं” एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है।
जहां विपक्षी दल फिलहाल पश्चिम बंगाल चुनाव के अंतिम चरण की रणनीति में जुटे हैं, वहीं भाजपा ने उत्तर प्रदेश और गुजरात सहित सात राज्यों में 2027 विधानसभा चुनावों को लेकर संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी सूत्रों का दावा है कि भाजपा ने अभी से जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया है।
प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के मार्गदर्शन में शुरू हुई तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में आगामी चुनावी राज्यों में संगठन को मजबूत करने में जुटे हुए हैं। पार्टी का फोकस सिर्फ चुनावी प्रचार तक सीमित नहीं है, बल्कि बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि पार्टी “इंतजार करो और देखो” की रणनीति पर विश्वास नहीं करती। उनके मुताबिक, भाजपा सालभर सक्रिय रहने वाली राजनीतिक पार्टी है, जहां एक चुनाव का समापन अगले चुनाव की शुरुआत माना जाता है।
पांच राज्यों के चुनाव के बीच भी जारी रहीं रणनीतिक बैठकें
पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को हुआ था, जबकि दूसरे और अंतिम चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को कराई जा रही है। तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान हुआ, जबकि केरल, असम और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को ही मतदान संपन्न हो चुका है। इन सभी राज्यों के चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
सूत्रों के अनुसार, चुनावी व्यस्तताओं के बावजूद भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने इन राज्यों का कई बार दौरा किया और पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ रणनीतिक बैठकों में हिस्सा लिया। उन्होंने चुनाव प्रचार के साथ-साथ संगठनात्मक समीक्षा भी की।
गोवा, गुजरात और यूपी में बंद कमरे में हुई अहम बैठकें
पार्टी सूत्रों का कहना है कि नितिन नवीन ने हाल के दिनों में गोवा, गुजरात और उत्तर प्रदेश का भी दौरा किया। इन दौरों के दौरान उन्होंने स्थानीय नेताओं और संगठन पदाधिकारियों के साथ बंद कमरे में बैठकें कीं और आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति पर चर्चा की।
बताया जा रहा है कि अगले सप्ताह उनका उत्तराखंड दौरा भी प्रस्तावित है, जहां संगठन विस्तार और चुनावी तैयारियों को लेकर बैठकों का दौर चलेगा।
इन सात राज्यों पर भाजपा का विशेष फोकस
भाजपा फिलहाल जिन राज्यों पर विशेष ध्यान दे रही है, उनमें गोवा, गुजरात, मणिपुर, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश शामिल हैं। इन सभी राज्यों में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं।
पार्टी को पश्चिम बंगाल में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। साथ ही भाजपा को भरोसा है कि वह अपने सहयोगियों के साथ असम और पुडुचेरी में सत्ता बरकरार रखेगी। पार्टी नेतृत्व यह भी मान रहा है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन इस बार तमिलनाडु में द्रमुक को कड़ी चुनौती देगा और केरल में भी अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करेगा।
दीर्घकालिक रणनीति पर काम कर रही भाजपा
भाजपा के एक वरिष्ठ सूत्र ने कहा कि पार्टी सिर्फ तात्कालिक चुनावी नतीजों पर ध्यान नहीं दे रही, बल्कि दीर्घकालिक संगठनात्मक विस्तार पर भी फोकस कर रही है। पार्टी उन राज्यों में अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है जहां वह पहले से प्रभावशाली है, जबकि अन्य राज्यों में भी अपना जनाधार बढ़ाने की रणनीति पर काम चल रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा की कार्यकर्ता-आधारित राजनीति और लगातार सक्रिय रहने की रणनीति ही उसे अन्य दलों से अलग बनाती है।