अमेरिका की रहस्यमयी बिल्ली जो पहले ही बता देती है मौत का संकेत! डॉक्टर भी इसकी ‘सटीक भविष्यवाणी’ से हैरान
दुनियाभर में जानवरों की असाधारण क्षमताओं को लेकर कई किस्से और शोध सामने आते रहे हैं। माना जाता है कि कुछ जानवर प्राकृतिक बदलावों और इंसानी शरीर में होने वाले सूक्ष्म परिवर्तनों को पहले ही महसूस कर लेते हैं। इन्हीं दावों के बीच अमेरिका की एक बिल्ली लंबे समय से वैज्ञानिकों और डॉक्टरों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
अमेरिका के रोड आइलैंड स्थित एक नर्सिंग होम में रहने वाली यह बिल्ली कथित तौर पर मरीजों की मौत का पहले से संकेत दे देती है। बताया जाता है कि जिस मरीज की मौत नजदीक होती है, यह बिल्ली उसके बिस्तर के पास जाकर बैठ जाती है। इसकी यह अजीब हरकत अस्पताल के स्टाफ और डॉक्टरों को भी हैरान कर चुकी है।
100 से ज्यादा मौतों का पहले ही दे चुकी संकेत
यह बिल्ली रोड आइलैंड के स्टीयर हाउस नर्सिंग एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर की डिमेंशिया यूनिट में पली-बढ़ी है। इस बिल्ली का नाम ‘ऑस्कर’ बताया जाता है।
ब्राउन यूनिवर्सिटी के जराविज्ञानी डॉ. डेविड डोसा ने अपनी किताब ‘मेकिंग राउंड्स विद ऑस्कर’ में इस बिल्ली का विस्तार से जिक्र किया है। उनके मुताबिक ऑस्कर अल्झाइमर और पार्किंसन रोगियों की देखभाल करने वाले विभाग में रहता है और अक्सर एक कमरे से दूसरे कमरे में घूमता रहता है।
बताया जाता है कि साल 2000 में इस बिल्ली को थेरपी एनिमल के तौर पर अस्पताल में लाया गया था। शुरुआत में यह सामान्य बिल्लियों की तरह मरीजों के बेड पर उछलती-कूदती रहती थी, लेकिन बाद में स्टाफ ने इसकी एक खास आदत पर ध्यान दिया।
जिस मरीज की मौत करीब होती, उसके पास बैठ जाती थी बिल्ली
अस्पताल के कर्मचारियों के अनुसार, ऑस्कर अक्सर उसी मरीज के पास जाकर बैठ जाती थी जिसकी मौत कुछ घंटों या कुछ समय बाद होने वाली होती थी। कई बार ऐसा हुआ कि बिल्ली किसी विशेष कमरे के बाहर जाकर बैठ जाती और दरवाजा बंद होने पर लगातार पंजे मारती रहती।
स्टाफ ने कई बार उसे दूसरे कमरों में भेजने की कोशिश की, लेकिन वह फिर उसी मरीज के पास लौट आती थी जिसकी हालत गंभीर होती थी। बाद में ऐसे कई मामलों में संबंधित मरीज की मौत हो गई।
डॉ. डेविड डोसा ने अपनी किताब में लिखा है कि एक बार बिल्ली ऐसे मरीज के पास जाकर बैठ गई थी जिसकी हालत को लेकर डॉक्टरों को ज्यादा खतरा नहीं लग रहा था। हालांकि बाद में उसी मरीज की भी मौत हो गई। इस घटना के बाद अस्पताल के स्टाफ ने ऑस्कर की हरकतों को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया।
परिजनों को पहले ही दी जाने लगी सूचना
अस्पताल के कर्मचारियों के मुताबिक जब भी ऑस्कर किसी मरीज के पास लगातार बैठने लगती थी, तब स्टाफ मरीज के परिवार वालों को सतर्क कर देता था। कई मामलों में यह अनुमान सही साबित हुआ।
बताया जाता है कि ऑस्कर अब तक 100 से ज्यादा मरीजों की मौत का संकेत दे चुकी है। यही वजह है कि यह बिल्ली मेडिकल साइंस और आम लोगों दोनों के बीच रहस्य और जिज्ञासा का विषय बनी हुई है।
वैज्ञानिकों की क्या है राय?
वैज्ञानिकों का मानना है कि कई जानवर इंसानी शरीर में होने वाले केमिकल और जैविक बदलावों को महसूस करने की क्षमता रखते हैं। मौत से पहले शरीर के तापमान, मेटाबॉलिज्म और गंध में सूक्ष्म परिवर्तन होते हैं, जिन्हें जानवर आसानी से पहचान सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार जानवरों की सूंघने की क्षमता बेहद तेज होती है। इसी कारण वे शरीर में होने वाले बदलावों को इंसानों से पहले महसूस कर लेते हैं। माना जाता है कि ऑस्कर भी इसी क्षमता के जरिए मरीजों की हालत को पहचान लेती है।
हालांकि वैज्ञानिक इसे किसी अलौकिक शक्ति की बजाय जैविक संवेदनशीलता और व्यवहारिक प्रतिक्रिया से जोड़कर देखते हैं।