मानसून से पहले दिल्ली सरकार का बड़ा एक्शन, जलभराव होने पर सीधे नपेंगे अफसर; 448 हॉटस्पॉट पर तय हुई जवाबदेही
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में मानसून के दौरान हर साल होने वाली जलभराव की समस्या से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने इस बार सख्त तैयारी शुरू कर दी है। लोक निर्माण विभाग ने शहर के 448 जलभराव प्रभावित हॉटस्पॉट चिन्हित करते हुए वहां तैनात अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी है। साफ शब्दों में कहा गया है कि यदि मानसून के दौरान किसी भी चिन्हित स्थान पर जलभराव या बाढ़ जैसे हालात बनते हैं, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पीडब्ल्यूडी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जल निकासी व्यवस्था की लगातार निगरानी और समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह बनाया गया है। सरकार का मकसद इस बार मानसून में राजधानी को जलभराव की गंभीर समस्या से बचाना है।
तीन साल के आंकड़ों के आधार पर तैयार हुई सूची
विभागीय आदेश के मुताबिक, वर्ष 2023, 2024 और 2025 के दौरान पीडब्ल्यूडी और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने संयुक्त सर्वे के जरिए राजधानी में 448 ऐसे स्थानों की पहचान की थी, जहां हर बारिश में गंभीर जलभराव की स्थिति बनती है। इन इलाकों में पानी भरने से ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होती है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा 177 हॉटस्पॉट पूर्वी जोन में चिन्हित किए गए हैं। इसके अलावा दक्षिणी जोन में 147 और उत्तरी जोन में 124 स्थानों को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। कई इलाकों में हालात इतने खराब हो जाते हैं कि वाहन तक पानी में डूब जाते हैं।
अधिकारियों की जिम्मेदारी तय, लापरवाही पर कार्रवाई
पीडब्ल्यूडी ने इस बार हर संवेदनशील स्थान के लिए अलग-अलग जिम्मेदार और समीक्षा अधिकारी नियुक्त किए हैं। इनमें कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता स्तर के अधिकारियों को तैनात किया गया है।
आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि मानसून के दौरान संबंधित अधिकारी अपने क्षेत्र में जलभराव रोकने के लिए जरूरी सभी इंतजाम सुनिश्चित करेंगे। यदि किसी भी नामित स्थान पर पानी भरने की स्थिति बनती है, तो संबंधित अधिकारी को सीधे जिम्मेदार माना जाएगा और उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पूर्वी दिल्ली के कई इलाके सबसे ज्यादा संवेदनशील
पूर्वी जोन में जिन प्रमुख इलाकों को जलभराव प्रभावित माना गया है, उनमें प्रगति मैदान टनल, भैरों मार्ग, बुलेवार्ड रोड, बहादुर शाह जफर मार्ग, तिलक मार्ग, जीटी रोड, नरवाना रोड, कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन, मथुरा रोड, मिंटो रोड, चिल्ला बॉर्डर, पुराना किला रोड, पूसा रोड, रानी झांसी रोड, आईजीआई स्टेडियम के पास रिंग रोड, राजघाट, पटपड़गंज रोड और आईपी फ्लाईओवर जैसे इलाके शामिल हैं।
दक्षिणी दिल्ली में भी कई बड़े इलाके सूची में शामिल
दक्षिणी जोन में कुतुब मीनार मेट्रो स्टेशन के पास अणुव्रत मार्ग, आईआईटी फ्लाईओवर, एम्स से सराय काले खां कैरिजवे, वैंकटेश्वर कॉलेज, जेएलएन स्टेडियम के आसपास का क्षेत्र, ओखला सब्जी मंडी, सराय जुलेना, द्वारका अंडरपास, सरिता विहार, अपोलो अस्पताल के पास मथुरा रोड, एमबी रोड, सिरी फोर्ट रेड लाइट और ग्रीन पार्क मेट्रो स्टेशन जैसे इलाके संवेदनशील माने गए हैं।
उत्तरी दिल्ली के कई प्रमुख मार्ग भी खतरे की सूची में
उत्तरी जोन में अशोक विहार मार्केट, जीटी करनाल रोड, कन्हैया नगर, उत्तम नगर मेट्रो स्टेशन के पास नजफगढ़ रोड, बादली अंडरपास, हैदरपुर, मधुबन चौक, पश्चिम विहार का नेशनल मार्केट, मायापुरी चौक, शालीमार बाग टी-पॉइंट और रोहतक रोड समेत कई इलाके जलभराव के लिहाज से संवेदनशील बताए गए हैं।