NEET-UG पेपर लीक विवाद पर सियासी घमासान तेज, अखिलेश यादव का BJP सरकार पर तीखा हमला—“जब तक भ्रष्ट सरकार रहेगी, परीक्षा प्रणाली लीक पर ही चलेगी”
नई दिल्ली: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 को प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के चलते रद्द किए जाने के बाद देश की राजनीति गरमा गई है। परीक्षा रद्द होने के साथ ही केंद्र सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी विस्तृत जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है। इस पूरे घटनाक्रम पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सरकार पर जोरदार हमला बोला है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि परीक्षा को दोबारा कराने के बावजूद यह गारंटी नहीं दी जा सकती कि भविष्य में भी पेपर लीक नहीं होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों के बीच गहरी नाराजगी और निराशा पैदा की है। अखिलेश ने दावा किया कि यह स्थिति सरकार की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
सरकार पर गंभीर आरोप और तीखी टिप्पणी
अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में कहा कि जब तक मौजूदा सरकार सत्ता में बनी रहेगी, परीक्षा प्रणाली पर ‘लीक’ का संकट मंडराता रहेगा। उन्होंने इसे “नाकाम व्यवस्था” बताते हुए कहा कि सरकार की विफलता के कारण परीक्षाओं की विश्वसनीयता लगातार प्रभावित हो रही है। उनके अनुसार, छात्रों का भविष्य ऐसे हालात में असुरक्षित होता जा रहा है।
मामले की जांच और परीक्षा रद्द होने का कारण
गौरतलब है कि तीन मई को आयोजित नीट-यूजी 2026 परीक्षा को प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था। इस फैसले के बाद केंद्र सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपते हुए कहा है कि किसी भी तरह की अनियमितता की गहन जांच की जाएगी। इस निर्णय से देशभर के मेडिकल अभ्यर्थियों में चिंता और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
चिकित्सा संगठनों की प्रतिक्रिया
इस बीच फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने भी मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की है। संगठन ने कहा कि इस तरह की घटनाएं देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती हैं और मेहनती छात्रों के भरोसे को गहरी चोट पहुंचाती हैं।
सख्त कार्रवाई की मांग तेज
FAIMA ने यह भी कहा है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और योग्यता बनाए रखना बेहद जरूरी है। संगठन ने मांग की है कि इस पूरे मामले में जो भी व्यक्ति या संस्था शामिल पाई जाए, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।