तमिलनाडु में विश्वासमत से पहले सियासी भूचाल, AIADMK में बड़ी बगावत के संकेत, व्हिप जारी कर पार्टी ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी

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चेन्नई: तमिलनाडु में टीवीके प्रमुख विजय की सरकार के विश्वासमत से पहले सियासी माहौल अचानक गरमा गया है। विधानसभा में शक्ति परीक्षण से पहले ही मुख्य विपक्षी दल AIADMK में बड़ी बगावत सामने आ गई है। पार्टी नेतृत्व के खिलाफ विधायकों के एक समूह ने मोर्चा खोलते हुए विजय की अगुवाई वाली सरकार को समर्थन देने की बात कही है, जिससे राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदलते नजर आ रहे हैं।

AIADMK का व्हिप जारी, दलबदल कानून की चेतावनी

इस घटनाक्रम के बीच AIADMK की ओर से तत्काल प्रभाव से व्हिप जारी कर दिया गया है। पार्टी सांसद आई. एस. इनबादुराई ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि पार्टी महासचिव और विधायी दल के नेता एडप्पाडी के पलानीस्वामी द्वारा जारी व्हिप सभी विधायकों पर बाध्यकारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई विधायक पार्टी निर्देशों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ दलबदल विरोधी कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विश्वासमत के दौरान यदि कोई विधायक वोटिंग से दूर रहता है, तटस्थ रहता है या पार्टी लाइन के खिलाफ मतदान करता है, तो इसे दलबदल माना जाएगा और उसकी विधानसभा सदस्यता पर खतरा उत्पन्न हो सकता है।

बागी गुट में 30 विधायकों के शामिल होने की संभावना

सूत्रों के अनुसार AIADMK के भीतर असंतोष गहराता जा रहा है और वरिष्ठ नेता एस. पी. वेलुमणि तथा सी. वी. षणमुगम के नेतृत्व में करीब 30 विधायकों का एक अलग गुट सक्रिय बताया जा रहा है। इन विधायकों ने 23 अप्रैल के चुनाव नतीजों के बाद पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं, जिसमें AIADMK को 164 में से केवल 47 सीटों पर जीत मिली थी।

टीवीके सरकार को समर्थन देने की खुली घोषणा

बागी गुट की ओर से यह भी संकेत दिए गए हैं कि वे विजय सरकार को समर्थन देने के पक्ष में हैं। सी. वी. षणमुगम ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे जल्द ही टीवीके प्रमुख से मुलाकात कर समर्थन पत्र सौंप सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व पर द्रमुक के साथ अप्रत्यक्ष समझौते के प्रयासों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

AIADMK में अंदरूनी टकराव तेज, आरोप-प्रत्यारोप का दौर

पार्टी के भीतर बढ़ते तनाव के बीच AIADMK नेतृत्व ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे पूरी तरह अफवाह करार दिया है। पार्टी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दावा किया है कि कुछ नेता व्यक्तिगत लाभ के लिए सरकार से नजदीकी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं पार्टी कार्यकर्ताओं के पलानीस्वामी के समर्थन में एकजुट रहने का दावा भी किया गया है।

विश्वासमत से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल

टीवीके सरकार बुधवार को विधानसभा में अपना बहुमत साबित करेगी, लेकिन उससे पहले AIADMK में मचे इस घमासान ने पूरे राजनीतिक माहौल को अस्थिर कर दिया है। सभी की नजर अब इस बात पर टिकी है कि विश्वासमत के दौरान पार्टी में यह बगावत किस रूप में सामने आती है और इसका सत्ता समीकरणों पर क्या असर पड़ता है।

 

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