गौतमबुद्धनगर: जनपद में ओवरलोड वाहनों पर सख्ती बढ़ाते हुए परिवहन विभाग द्वारा व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मई माह के दौरान कुल 206 ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनका चालान किया गया और करोड़ों रुपये का प्रशमन शुल्क आरोपित किया गया।
मई माह में 206 वाहनों पर कार्रवाई
संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) डॉ. उदित नारायण पांडेय ने जानकारी दी कि सहायक संभागीय अधिकारी (प्रवर्तन) नंद कुमार, अभिषेक कनौजिया तथा यात्रीकर अधिकारियों की टीमों द्वारा लगातार जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान ओवरलोडिंग करते पाए गए 206 वाहनों पर कार्रवाई की गई।
इन वाहनों को सेक्टर-142, जेवर क्षेत्र, नॉलेज पार्क, बादलपुर और डी-पार्क सेक्टर-62 थाना क्षेत्रों में निरुद्ध किया गया। विभाग की ओर से कुल 1 करोड़ 29 लाख 40 हजार रुपये का प्रशमन शुल्क आरोपित किया गया, जबकि अब तक 50 लाख 80 हजार रुपये की वसूली की जा चुकी है।
ओवरलोडिंग से होने वाले गंभीर नुकसान पर चेतावनी
परिवहन विभाग ने वाहन चालकों और ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों को ओवरलोडिंग के खतरों के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि यह प्रवृत्ति न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकती है।
सड़क दुर्घटनाओं का खतरा: ओवरलोडिंग से वाहनों का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे ब्रेक फेल, टायर फटना और वाहन पलटने जैसी दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
वाहनों को नुकसान: अतिरिक्त भार से इंजन, ब्रेक, टायर और सस्पेंशन पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, जिससे वाहन की उम्र कम हो जाती है और मरम्मत खर्च बढ़ता है।
सड़कों को क्षति: भारी वाहनों के कारण सड़कों पर गड्ढे और दरारें तेजी से बनती हैं, जिससे बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचता है और मरम्मत पर अतिरिक्त खर्च होता है।
ईंधन की बर्बादी और प्रदूषण: ओवरलोड वाहन अधिक ईंधन खर्च करते हैं, जिससे लागत बढ़ती है और पर्यावरण पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
कानूनी कार्रवाई का प्रावधान: मोटर वाहन अधिनियम के तहत ओवरलोडिंग पर 20 हजार रुपये और प्रति टन 2 हजार रुपये तक का जुर्माना, वाहन जब्ती तथा लाइसेंस और परमिट निरस्तीकरण जैसी सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।
समय और व्यापार पर असर: ओवरलोड वाहन धीमी गति से चलते हैं और अक्सर खराब हो जाते हैं, जिससे माल की डिलीवरी में देरी होती है और व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं।
नियमों के पालन की अपील
परिवहन विभाग ने सभी ट्रक चालकों, वाहन मालिकों और ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों से अपील की है कि वे वाहनों की निर्धारित क्षमता का पालन करें और ओवरलोडिंग से बचें। विभाग ने कहा कि नियमों का पालन न केवल सुरक्षा सुनिश्चित करता है, बल्कि वाहनों की उम्र बढ़ाने और सड़क व्यवस्था को सुरक्षित रखने में भी मदद करता है।