गौतमबुद्धनगर: जिले में ऑनलाइन माध्यम से कीटनाशकों की बिक्री को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी विवेक दुबे ने स्पष्ट किया है कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए कीटनाशकों का व्यवसाय करने वाली सभी फर्मों को शासन द्वारा निर्धारित नियमों और लाइसेंस शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित फर्मों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि कीटनाशी नियमावली 1973 के नियम संख्या 10(ड) एवं 10(ई) के तहत ई-कॉमर्स इकाई के माध्यम से कीटनाशकों की बिक्री से जुड़े प्रावधानों का पालन करना आवश्यक है।
लाइसेंस वैधता और सत्यापन अनिवार्य
जिला कृषि रक्षा अधिकारी के अनुसार, लाइसेंसधारी केवल वैध लाइसेंस की अवधि के दौरान ही ई-कॉमर्स माध्यम से किसानों को कीटनाशक बेच सकते हैं। इसके साथ ही सभी लागू नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
ई-कॉमर्स संस्थाओं को ऑनलाइन बिक्री से पहले संबंधित राज्य के लाइसेंसिंग अधिकारी से लाइसेंस की वैधता का सत्यापन कराना जरूरी होगा। बिना सत्यापन किसी भी प्रकार का ऑनलाइन विक्रय मान्य नहीं होगा।
उपभोक्ता संरक्षण नियमों का पालन भी जरूरी
अधिकारियों ने बताया कि ई-कॉमर्स संस्थाओं को उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम 2020 के प्रावधानों का पालन करना होगा। यह नियम 23 जुलाई 2020 को भारत के राजपत्र में अधिसूचित किए गए थे। इसके अलावा समय-समय पर होने वाले संशोधनों का अनुपालन भी अनिवार्य रहेगा।
निरीक्षण में गड़बड़ी पर होगी कार्रवाई
प्रशासन ने साफ किया है कि यदि किसी ई-कॉमर्स संस्था या फर्म के पास निरीक्षण के दौरान उपयुक्त कीटनाशी लाइसेंस के बिना स्टॉक या बिक्री पाई जाती है, तो उसके खिलाफ कीटनाशी अधिनियम 1968 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि किसानों की सुरक्षा और पारदर्शी व्यापार व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए इन नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।