कॉकरोच जनता पार्टी: सोशल मीडिया के व्यंग्य से उठी डिजिटल राजनीति की नई लहर, जानिए इसके संस्थापक अभिजीत दीपके कौन हैं

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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की युवाओं और “कॉकरोच” को लेकर की गई टिप्पणी के बाद देशभर में सोशल मीडिया पर शुरू हुआ व्यंग्यात्मक अभियान अब एक बड़े डिजिटल मूवमेंट में बदल गया है। “कॉकरोच जनता पार्टी” नाम से यह ऑनलाइन कैंपेन तेजी से वायरल हो गया है, जिसने कुछ ही दिनों में लाखों फॉलोअर्स जुटा लिए हैं और युवाओं के बीच चर्चा का केंद्र बन गया है।

सुप्रीम कोर्ट टिप्पणी के बाद शुरू हुआ डिजिटल विवाद

यह पूरा मामला उस टिप्पणी के बाद शुरू हुआ, जिसमें युवाओं की आलोचना करते हुए “कॉकरोच” शब्द का उल्लेख किया गया था। हालांकि बाद में मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि उनकी बातों को मीडिया के एक हिस्से ने गलत तरीके से प्रस्तुत किया। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर इस टिप्पणी को लेकर नाराजगी और बहस तेज हो गई और वहीं से “कॉकरोच जनता पार्टी” का विचार सामने आया।

कैसे शुरू हुआ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ अभियान

इस डिजिटल अभियान की शुरुआत करने वाले अभिजीत दीपके ने बताया कि यह विचार सोशल मीडिया पर उठी प्रतिक्रिया और युवाओं की बातचीत से जन्मा। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने इस टिप्पणी को देखा तो इसे हास्यास्पद और निराशाजनक माना, क्योंकि संविधान हर नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है। इसी नाराजगी और बहस के बीच उन्होंने व्यंग्यात्मक तरीके से एक ऑनलाइन “पैरोडी पार्टी” बनाने का विचार रखा, जिसका नाम “कॉकरोच जनता पार्टी” रखा गया।

उन्होंने बताया कि शुरुआती पोस्ट के बाद बड़ी संख्या में युवाओं ने प्रतिक्रिया दी और खुद को इससे जोड़ने की बात कही, जिसके बाद यह अभियान तेजी से फैल गया।

कुछ ही दिनों में लाखों से करोड़ों तक पहुंचा डिजिटल नेटवर्क

इस ऑनलाइन मूवमेंट ने बेहद कम समय में बड़ी लोकप्रियता हासिल कर ली। पार्टी की वेबसाइट पर बड़ी संख्या में लोगों ने पंजीकरण कराया, जबकि इंस्टाग्राम पर इसके फॉलोअर्स लाखों में पहुंच गए। दावा है कि लाखों लोग इससे जुड़ चुके हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है।

अभिजीत दीपके का कहना है कि यह सिर्फ एक डिजिटल प्रयोग नहीं रह गया, बल्कि युवाओं की नाराजगी और सिस्टम के प्रति असंतोष का एक मंच बनता जा रहा है।

कौन हैं अभिजीत दीपके

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के संभाजीनगर के रहने वाले हैं। उन्होंने पुणे से ग्रेजुएशन किया है और बाद में आम आदमी पार्टी की डिजिटल टीम में काम किया। वे उस दौरान कम्युनिकेशन और सोशल मीडिया कैंपेनिंग से जुड़े रहे।

इसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका का रुख किया और बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस में पढ़ाई पूरी की। वर्तमान में वे वहीं रह रहे हैं, लेकिन इस डिजिटल अभियान को लेकर उन्होंने भारत लौटकर इसे आगे बढ़ाने की बात कही है।

क्या है इस अभियान की सोच और मांगें

कॉकरोच जनता पार्टी खुद को एक व्यंग्यात्मक और वैकल्पिक डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में प्रस्तुत करती है। इसके घोषणापत्र में कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दे शामिल हैं, जिनमें महिलाओं के लिए आरक्षण, न्यायपालिका की स्वतंत्रता, दलबदल पर सख्त प्रतिबंध और युवाओं की बेरोजगारी जैसे विषय प्रमुख हैं।

अभिजीत दीपके का कहना है कि यह अभियान भारतीय लोकतंत्र में चल रही बहसों और असंतोष को डिजिटल तरीके से सामने लाने का प्रयास है।

युवाओं की नाराजगी से बना डिजिटल आंदोलन

इस पूरे अभियान को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि यह सोशल मीडिया की उस नई राजनीति का उदाहरण है, जिसमें मीम्स और व्यंग्य के जरिए गंभीर सामाजिक संदेश सामने आ रहे हैं। वहीं, समर्थकों का कहना है कि यह पहली बार है जब युवाओं को उनकी ही भाषा में एक मंच मिला है।

आगे क्या होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं

फिलहाल कॉकरोच जनता पार्टी एक आधिकारिक राजनीतिक दल नहीं है और न ही इसका चुनावी दर्जा है, लेकिन इसके तेजी से बढ़ते फॉलोअर्स ने इसे राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बना दिया है। आने वाले समय में यह सिर्फ एक ऑनलाइन आंदोलन रहेगा या किसी बड़े राजनीतिक बदलाव की शुरुआत बनेगा, यह देखने वाली बात होगी।

 

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