‘रानी लक्ष्मी बाई स्कूटी योजना’ पर तेज हुई तैयारी, 45 हजार छात्राओं को मिल सकती है मुफ्त स्कूटी; सीएम योगी ने दिए सख्त निर्देश

0 19

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की मेधावी छात्राओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य सरकार ने ‘रानी लक्ष्मी बाई स्कूटी योजना’ को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया तेज कर दी है। सरकारी विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में पढ़ने वाली छात्राओं को मुफ्त स्कूटी देने की इस महत्वाकांक्षी योजना को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ अहम बैठक की और पात्रता व मेरिट से जुड़े नियम जल्द तय करने के निर्देश दिए।

राज्य सरकार की इस योजना के तहत पहले चरण में करीब 45 हजार छात्राओं को स्कूटी दिए जाने की तैयारी है। माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले सरकार इस योजना को बड़े स्तर पर लागू करना चाहती है।

सीएम योगी ने अधिकारियों से मांगा पूरा खाका

बुधवार को हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से स्कूटी वितरण की रूपरेखा, पात्रता और चयन प्रक्रिया को लेकर जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि अभी अंतिम गाइडलाइन और नियम तैयार नहीं किए जा सके हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।

सीएम ने साफ कहा कि योजना पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए और पात्र छात्राओं तक जल्द से जल्द इसका लाभ पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को बिना देरी किए चयन मानक तय करने और अगले चरण की कार्रवाई शुरू करने को कहा।

400 करोड़ रुपये का बजट पहले ही मंजूर

सरकार इस योजना के लिए पहले ही बड़ा बजट स्वीकृत कर चुकी है। जानकारी के मुताबिक, पहले चरण के लिए करीब 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उच्च शिक्षा विभाग के अनुमान के अनुसार, इस राशि से लगभग 45 हजार छात्राओं को मुफ्त स्कूटी दी जा सकती है।

हालांकि, अंतिम लाभार्थियों की संख्या पर अंतिम फैसला शासन स्तर से ही लिया जाएगा।

मेरिट तय करने पर मंथन जारी

उच्च शिक्षा विभाग अब इस बात पर विचार कर रहा है कि छात्राओं का चयन किस आधार पर किया जाए। विभाग के सामने दो विकल्प हैं। पहला, स्नातक और स्नातकोत्तर के प्रथम वर्ष के अंक आधार बनें। दूसरा, अंतिम वर्ष के परीक्षा परिणाम के आधार पर मेरिट तैयार की जाए।

इसी को लेकर विभागीय स्तर पर लगातार मंथन चल रहा है ताकि चयन प्रक्रिया निष्पक्ष और स्पष्ट बनाई जा सके।

करीब 9 लाख छात्राओं में से होगा चयन

प्रदेश के सरकारी और सहायता प्राप्त उच्च शिक्षण संस्थानों में फिलहाल करीब 9 लाख छात्राएं स्नातक स्तर पर पढ़ाई कर रही हैं। इन्हीं में से मेरिट के आधार पर छात्राओं का चयन किया जाएगा।

सरकार का कहना है कि इस योजना का मकसद सिर्फ छात्राओं को प्रोत्साहित करना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाना भी है ताकि वे कॉलेज आने-जाने में किसी परेशानी का सामना न करें।

शासन से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। इसके साथ ही कॉलेजों से छात्राओं का डेटा जुटाने का काम भी तेजी से शुरू होगा।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.