गुरु-पुष्य योग 2026: धन, समृद्धि और सौभाग्य के लिए करें ये आसान उपाय, ज्योतिष में माना गया है बेहद शुभ संयोग
नई दिल्ली सनातन परंपरा में गुरु-पुष्य योग को सबसे शुभ और फलदायी योगों में से एक माना जाता है। जब गुरुवार के दिन पुष्य नक्षत्र का संयोग बनता है, तब गुरु-पुष्य योग या गुरुपुष्यामृत योग का निर्माण होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह योग नई शुरुआत, निवेश, खरीदारी और आर्थिक उन्नति के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। वर्ष 2026 में यह दुर्लभ संयोग 18 जून, गुरुवार को बन रहा है। पंचांग के मुताबिक यह योग सुबह 5:23 बजे से 11:23 बजे तक प्रभावी रहेगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पुष्य नक्षत्र को 27 नक्षत्रों का राजा कहा जाता है। मान्यता है कि इसी नक्षत्र में धन और वैभव की देवी मां लक्ष्मी का प्राकट्य हुआ था। यही वजह है कि इस दिन किए गए शुभ कार्यों और खरीदारी को दीर्घकालिक शुभ फलदायी माना जाता है।
पीतल का हाथी ला सकता है समृद्धि
वास्तु और ज्योतिष शास्त्र में हाथी को ऐश्वर्य, शक्ति और सफलता का प्रतीक माना गया है। मान्यता है कि गुरु-पुष्य योग के दिन पीतल का हाथी खरीदकर घर या कार्यस्थल पर स्थापित करने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और परिवार में सुख-समृद्धि का वातावरण बना रहता है।
महालक्ष्मी यंत्र की स्थापना मानी जाती है शुभ
धन संबंधी समस्याओं से मुक्ति और सकारात्मक ऊर्जा के लिए गुरु-पुष्य योग में महालक्ष्मी यंत्र खरीदना और स्थापित करना शुभ माना गया है। धार्मिक विश्वास के अनुसार इसकी स्थापना से घर और व्यापारिक प्रतिष्ठान में समृद्धि के द्वार खुलते हैं।
पीली कौड़ियां बढ़ा सकती हैं धन संचय
मां लक्ष्मी को प्रिय मानी जाने वाली पीली कौड़ियों का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि गुरु-पुष्य योग के दिन सात पीली कौड़ियां खरीदकर लक्ष्मी पूजन के बाद तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रखने से आर्थिक उन्नति और बचत में वृद्धि के योग बनते हैं।
शंखपुष्पी की जड़ का विशेष महत्व
धार्मिक परंपराओं में शंखपुष्पी की जड़ को शुभ माना गया है। मान्यता है कि गुरु-पुष्य योग के दिन इसे घर लाकर विधि-विधान से पूजन कर धन स्थान पर रखने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
एकाक्षी नारियल को माना जाता है लक्ष्मी स्वरूप
ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं में एकाक्षी नारियल को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है। गुरु-पुष्य योग में इसे खरीदकर पूजा स्थल में स्थापित करने और विधिपूर्वक पूजन करने से परिवार में सुख, शांति और आर्थिक उन्नति के मार्ग प्रशस्त होने की मान्यता है।
निवेश और नए कार्यों के लिए भी शुभ माना जाता है योग
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गुरु-पुष्य योग केवल खरीदारी के लिए ही नहीं, बल्कि नए व्यवसाय की शुरुआत, निवेश, संपत्ति संबंधी निर्णय और महत्वपूर्ण योजनाओं को शुरू करने के लिए भी अत्यंत शुभ माना जाता है। श्रद्धालु इस दिन अपनी आस्था के अनुसार पूजा-पाठ और विशेष उपाय कर मां लक्ष्मी एवं देवगुरु बृहस्पति का आशीर्वाद प्राप्त करने का प्रयास करते हैं।