ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ा सकती हैं आपकी ये 5 आदतें, समय रहते बदल लें लाइफस्टाइल वरना पड़ सकता है भारी

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नई दिल्ली स्ट्रोक दुनिया भर में मौत और स्थायी विकलांगता के प्रमुख कारणों में गिना जाता है। यह तब होता है जब मस्तिष्क तक रक्त और ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हो जाती है, जिससे ब्रेन सेल्स को नुकसान पहुंचता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार 25 वर्ष से अधिक उम्र के हर चार वयस्कों में से एक व्यक्ति जीवनकाल में कभी न कभी स्ट्रोक के जोखिम का सामना कर सकता है। अच्छी बात यह है कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि रोजमर्रा की कुछ गलत आदतें स्ट्रोक के जोखिम को तेजी से बढ़ा सकती हैं। यदि समय रहते इनमें सुधार कर लिया जाए तो न केवल स्ट्रोक बल्कि कई गंभीर हृदय रोगों से भी बचाव संभव है।

अस्वास्थ्यकर खानपान बन सकता है बड़ा खतरा

संतुलित और पौष्टिक आहार शरीर को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाता है। फाइबर, प्रोटीन, विटामिन, खनिज और अन्य जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर भोजन स्ट्रोक और हृदय रोगों के जोखिम को कम करने में मदद करता है। वहीं अधिक नमक, चीनी, संतृप्त वसा और सोडियम का सेवन रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर को बढ़ा सकता है। विशेषज्ञ जोखिम वाले लोगों को अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड और वसायुक्त खाद्य पदार्थों से दूरी बनाने की सलाह देते हैं।

शारीरिक निष्क्रियता बढ़ाती है जोखिम

आधुनिक जीवनशैली में लंबे समय तक बैठकर काम करना और शारीरिक गतिविधियों की कमी आम हो गई है। निष्क्रिय जीवनशैली से मोटापा, मांसपेशियों की कमजोरी, खराब मेटाबॉलिज्म और कई स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं। नियमित वॉक, योग या हल्का व्यायाम स्ट्रोक के खतरे को कम करने में मददगार साबित हो सकता है।

धूम्रपान और तंबाकू का सेवन है बेहद नुकसानदायक

तंबाकू और सिगरेट में मौजूद हजारों जहरीले रसायन शरीर की रक्त वाहिकाओं और हृदय को नुकसान पहुंचाते हैं। धूम्रपान से कोलेस्ट्रॉल का स्तर प्रभावित होता है और रक्त प्रवाह में बाधा पैदा हो सकती है, जिससे स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। यहां तक कि पैसिव स्मोकिंग यानी दूसरों के धुएं के संपर्क में रहना भी नुकसानदेह माना जाता है।

अत्यधिक शराब का सेवन भी बन सकता है वजह

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार अधिक मात्रा में शराब पीने से उच्च रक्तचाप, अनियमित हृदय गति और हृदय संबंधी अन्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। यही कारण है कि अत्यधिक शराब सेवन को स्ट्रोक के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल किया जाता है। शराब की मात्रा नियंत्रित रखने से रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को संतुलित रखने में मदद मिलती है।

स्वास्थ्य जांच में लापरवाही पड़ सकती है भारी

उच्च रक्तचाप, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल और अनियंत्रित ब्लड शुगर स्ट्रोक के सबसे बड़े जोखिम कारकों में शामिल हैं। कई लोग नियमित स्वास्थ्य जांच नहीं कराते, जिससे समस्या गंभीर होने तक पता नहीं चलती। विशेषज्ञों का कहना है कि समय-समय पर बीपी, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराना बेहद जरूरी है।

स्ट्रोक से बचाव के लिए अपनाएं स्वस्थ जीवनशैली

विशेषज्ञों के मुताबिक स्ट्रोक के कुछ कारण जैसे बढ़ती उम्र या पारिवारिक इतिहास को बदला नहीं जा सकता, लेकिन खानपान, व्यायाम, धूम्रपान और शराब जैसी आदतों में सुधार कर जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। स्वस्थ जीवनशैली न केवल स्ट्रोक बल्कि हृदय रोगों और अन्य गंभीर बीमारियों से भी सुरक्षा प्रदान करती है।

 

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