नेपाल में भारतीय आम पर बैन की खबर निकली भ्रामक! सरकार ने किया बड़ा खुलासा, जानिए क्या है पूरा मामला

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नई दिल्ली : नेपाल द्वारा भारतीय आम के आयात पर प्रतिबंध लगाए जाने की खबरों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। सरकार ने साफ कहा है कि नेपाल ने भारत से आने वाले आमों पर किसी तरह की रोक नहीं लगाई है और दोनों देशों के बीच आम का व्यापार पहले की तरह जारी है। सरकार के इस बयान के बाद किसानों, निर्यातकों और व्यापारियों ने राहत की सांस ली है।

हाल ही में ऐसी खबरें सामने आई थीं कि जापान के बाद नेपाल ने भी भारतीय आमों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। रिपोर्टों में दावा किया गया था कि आमों में कीटनाशक अवशेषों की अधिक मात्रा पाए जाने के कारण यह कदम उठाया गया है। इस खबर के सामने आते ही बाजार में हलचल मच गई थी और आम कारोबार से जुड़े लोगों में चिंता बढ़ गई थी।

सरकार ने कहा- खबरें पूरी तरह भ्रामक

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने बुधवार को जारी बयान में नेपाल द्वारा भारतीय आमों के आयात पर रोक लगाए जाने संबंधी खबरों को तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक बताया। मंत्रालय ने कहा कि नेपाल को भारतीय आमों का निर्यात बिना किसी रुकावट के लगातार जारी है।

मंत्रालय के अनुसार नेपाल के प्लांट क्वारंटीन और कीटनाशक प्रबंधन केंद्र ने 10 जून को स्वयं स्पष्ट किया है कि भारतीय आमों पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। निर्धारित नियमों और पौध स्वास्थ्य संबंधी शर्तों का पालन करने पर आयात पहले की तरह जारी रहेगा।

जनवरी से अब तक नेपाल भेजी गईं 149 खेपें

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2026 से अब तक भारत ने नेपाल को 2,005 टन आम का निर्यात किया है। यह निर्यात 149 खेपों के माध्यम से किया गया है। वहीं जून महीने में अब तक 266 टन आम की 18 खेपें नेपाल भेजी जा चुकी हैं। ये आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि दोनों देशों के बीच आम का व्यापार सामान्य रूप से जारी है।

आखिर क्यों शुरू हुई प्रतिबंध की चर्चा?

दरअसल, नेपाल ने हाल ही में कृषि और बागवानी उत्पादों के आयात से जुड़े कुछ नियमों में बदलाव किए हैं। नए प्रावधानों के तहत फलों और अन्य कृषि उत्पादों के लिए कुछ अतिरिक्त सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों का पालन अनिवार्य किया गया है।

भारत सरकार का कहना है कि भारतीय आम इन सभी मानकों पर खरे उतर रहे हैं। हालांकि भारत ने इस बात पर चिंता जताई है कि नए नियमों को बिना पूर्व चर्चा के लागू किया गया। भारत इस मुद्दे को विश्व व्यापार संगठन के समक्ष भी उठा रहा है।

नेपाल ने भी दी स्थिति स्पष्ट

नेपाल सरकार ने भी 10 जून को स्पष्ट कर दिया कि भारतीय आमों के आयात पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। हालांकि आयात के लिए निर्धारित फाइटोसैनिटरी यानी पौध स्वास्थ्य संबंधी नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।

नेपाल के अधिकारियों के अनुसार, आवश्यक शर्तें पूरी करने वाले भारतीय आमों को नियमित रूप से आयात परमिट जारी किए जा रहे हैं। वहीं व्यापारियों का मानना है कि यदि वास्तव में आयात पर रोक लगती तो बाजार में बड़ा असर देखने को मिल सकता था, क्योंकि नेपाल में आम की मांग पूरी करने में भारतीय आपूर्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है।

व्यापारियों ने जताई थी चिंता

प्रतिबंध की खबर सामने आने के बाद नेपाल और भारत दोनों देशों के व्यापारियों ने चिंता व्यक्त की थी। उनका कहना था कि बिना ठोस रणनीति के आयात रोकने जैसे कदम बाजार में अस्थिरता पैदा कर सकते हैं। व्यापारियों के मुताबिक नेपाल में उपभोक्ताओं की मांग को पूरा करने के लिए भारतीय आमों का आयात बेहद महत्वपूर्ण है।

 

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