Tech Neck Alert: घंटों मोबाइल-लैपटॉप चलाने की आदत बन सकती है खतरा, युवाओं में तेजी से बढ़ रही गर्दन दर्द की समस्या

0 20

नई दिल्ली : डिजिटल युग में मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर हमारी दिनचर्या का अहम हिस्सा बन चुके हैं। पढ़ाई से लेकर नौकरी और मनोरंजन तक, लोग घंटों स्क्रीन के सामने समय बिता रहे हैं। लेकिन यही आदत अब युवाओं की सेहत पर भारी पड़ती दिखाई दे रही है। विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय तक गलत मुद्रा में स्क्रीन देखने से गर्दन दर्द की समस्या तेजी से बढ़ रही है, जिसे ‘टेक नेक’ या ‘टेक्स्ट नेक’ कहा जाता है।

आज बड़ी संख्या में युवा और कामकाजी पेशेवर इस समस्या से जूझ रहे हैं। लगातार गर्दन झुकाकर मोबाइल या लैपटॉप इस्तेमाल करने से मांसपेशियों और रीढ़ की हड्डी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे दर्द और अकड़न की शिकायत बढ़ने लगती है।

क्या है टेक नेक की समस्या?

विशेषज्ञों के अनुसार सामान्य स्थिति में इंसान के सिर का वजन लगभग 5 किलोग्राम होता है और गर्दन की मांसपेशियां इसे आसानी से संभाल लेती हैं। लेकिन जब व्यक्ति 45 से 60 डिग्री तक गर्दन आगे की ओर झुकाकर स्क्रीन देखता है, तो गर्दन पर पड़ने वाला दबाव कई गुना बढ़ जाता है।

ऐसी स्थिति में गर्दन पर लगभग 25 से 30 किलोग्राम तक का भार महसूस होता है। लंबे समय तक यही स्थिति बने रहने पर मांसपेशियों में खिंचाव, दर्द और नसों पर दबाव बढ़ने लगता है। इसी अवस्था को टेक नेक कहा जाता है।

टेक नेक के प्रमुख लक्षण

यदि आप लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर का उपयोग करते हैं तो इन संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

  • गर्दन और कंधों में लगातार दर्द रहना
  • कंधों और ऊपरी पीठ में जकड़न महसूस होना
  • दर्द का सिर के पिछले हिस्से तक पहुंच जाना
  • बार-बार सिरदर्द होना
  • हाथों या उंगलियों में झुनझुनी और सुन्नपन महसूस होना

गलत पोस्चर बन रहा सबसे बड़ा कारण

विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश लोग काम के दौरान बैठने की सही मुद्रा का ध्यान नहीं रखते। झुककर बैठना, स्क्रीन को नीचे रखना और लगातार एक ही स्थिति में काम करना गर्दन की समस्याओं को बढ़ावा देता है।

इसी वजह से युवाओं में कम उम्र में ही गर्दन दर्द और रीढ़ संबंधी परेशानियां बढ़ती जा रही हैं।

इन आसान उपायों से करें बचाव

टेक नेक से बचने के लिए कुछ साधारण लेकिन प्रभावी आदतें अपनाना जरूरी है।

बैठने की सही मुद्रा अपनाएं

काम करते समय हमेशा सीधे बैठें और पीठ को कुर्सी का पूरा सहारा दें। विशेषज्ञ ट्रिपल 90 नियम अपनाने की सलाह देते हैं। इसके तहत कोहनी, घुटने और कूल्हे लगभग 90 डिग्री के कोण पर होने चाहिए।

स्क्रीन को आंखों के स्तर पर रखें

लैपटॉप या कंप्यूटर स्क्रीन को इस तरह रखें कि उसे देखने के लिए गर्दन झुकानी न पड़े। आवश्यकता होने पर लैपटॉप स्टैंड या किताबों का सहारा लिया जा सकता है। अलग कीबोर्ड और माउस का उपयोग भी फायदेमंद माना जाता है।

हर 30 मिनट में लें छोटा ब्रेक

लगातार बैठे रहने के बजाय हर आधे घंटे में कम से कम दो मिनट का ब्रेक लें। इस दौरान थोड़ा टहलें और गर्दन को धीरे-धीरे दाएं-बाएं तथा गोलाकार दिशा में घुमाएं।

गर्दन की नियमित एक्सरसाइज करें

काम के बीच-बीच में गर्दन की हल्की स्ट्रेचिंग और व्यायाम करना लाभकारी होता है। ठुड्डी को पीछे की ओर खींचने और सिर को धीरे-धीरे दोनों कंधों की ओर झुकाने जैसी एक्सरसाइज गर्दन की मांसपेशियों को आराम देती हैं और रक्त संचार बेहतर बनाती हैं।

लापरवाही पड़ सकती है भारी

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज किया जाए तो टेक नेक की समस्या आगे चलकर गंभीर गर्दन दर्द, रीढ़ संबंधी विकार और नसों से जुड़ी परेशानियों का कारण बन सकती है। ऐसे में समय रहते सही पोस्चर, नियमित ब्रेक और हल्की एक्सरसाइज को दिनचर्या का हिस्सा बनाना बेहद जरूरी है।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.