रक्षाबंधन पर दिल्ली की महिलाओं को मिल सकती है बड़ी सौगात, हर महीने ₹2500 देने वाली योजना शुरू होने के आसार
नई दिल्ली: दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी महिला समृद्धि योजना की शुरुआत रक्षाबंधन के अवसर पर हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी। सरकार की ओर से पहले ही इस योजना की घोषणा की जा चुकी है और अब इसके जल्द लागू होने की संभावना जताई जा रही है।
करीब 17 लाख महिलाओं को मिल सकता है लाभ
योजना के तहत सालाना 2.5 लाख रुपये तक की आय वाली महिलाओं को आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है। अनुमान है कि दिल्ली की लगभग 17 लाख महिलाएं इस योजना के दायरे में आ सकती हैं। लाभ की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डिजिटल माध्यम से हस्तांतरित की जाएगी।
बजट में 5100 करोड़ रुपये का किया गया था प्रावधान
दिल्ली सरकार ने इस वर्ष के बजट में महिला समृद्धि योजना के लिए 5100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था। पात्र महिलाओं की पहचान और लाभार्थियों के चयन के लिए पहले मंत्रियों के एक समूह का गठन किया गया था। अब उनकी रिपोर्ट मिलने के बाद योजना के शुभारंभ की तैयारी तेज होने की चर्चा है।
योजना का लाभ लेने के लिए ये होंगी प्रमुख शर्तें
महिला समृद्धि योजना का लाभ सभी महिलाओं को नहीं मिलेगा। इसके लिए सरकार ने कुछ पात्रता मानदंड तय किए हैं। लाभार्थी की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। आवेदक किसी सरकारी नौकरी में न हो, सरकारी पेंशन प्राप्त न करती हो, आयकरदाता न हो और उसके नाम पर चार पहिया वाहन नहीं होना चाहिए। इसके अलावा आधार बैंक खाते से लिंक होना, सरकारी राशन कार्ड होना, दिल्ली का निवासी होना और आयु 21 से 60 वर्ष के बीच होना अनिवार्य होगा।
लाभार्थियों की सूची को किया गया अपडेट
सरकार ने योजना लागू करने से पहले सरकारी लाभार्थियों के रिकॉर्ड का सत्यापन भी कराया है, ताकि किसी व्यक्ति को एक से अधिक बार सरकारी योजनाओं का लाभ न मिले। इसी प्रक्रिया के तहत दिल्ली में चलाए गए राशन कार्ड सत्यापन अभियान में 7 लाख से अधिक अपात्र लोगों के राशन कार्ड रद्द किए गए। इनमें एक लाख से अधिक आयकरदाता भी शामिल बताए गए हैं।
योजना के नाम में बदलाव की भी चर्चा
सूत्रों के मुताबिक महिला समृद्धि योजना का नाम बदलकर “दिल्ली लक्ष्मी योजना” किए जाने पर भी विचार चल रहा है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।